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चित्रकूटः जिले में घटे कुपोषित बच्चे और बढ़ेगी निगरानी
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चित्रकूट। जिले में कुपोषित, अतिकुपोषित बच्चों को चिन्हित करने के लिए सोमवार से पोषण अभियान की शुरूआत की जाएगी। इसके आयोजन कोविड प्रोटोकाल के तहत होंगे। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर महिलाओं को बच्चों के पोषण के प्रति जागरूक करेंगी। वहीं जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी आई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि पोषण अभियान के तहत महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर करने के प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान जन्म से 6 माह तक बच्चों को केवल स्तनपान कराने और 6 माह बाद स्तनपान के साथ-साथ पौष्टिक आहार देने के लिए माताओं को सलाह दी जाएगी।
पोषण अभियान में आनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि जागरूकता आने के बाद कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की संख्या में कमी आई है। 2019 में कुपोषित बच्चों की संख्या 11624 थी। अब यह संख्या घटकर अब 10426 हो गई है। अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 2930 थी। जो 2297 रह गई है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि पोषण अभियान के तहत महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर करने के प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान जन्म से 6 माह तक बच्चों को केवल स्तनपान कराने और 6 माह बाद स्तनपान के साथ-साथ पौष्टिक आहार देने के लिए माताओं को सलाह दी जाएगी।
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पोषण अभियान में आनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि जागरूकता आने के बाद कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की संख्या में कमी आई है। 2019 में कुपोषित बच्चों की संख्या 11624 थी। अब यह संख्या घटकर अब 10426 हो गई है। अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 2930 थी। जो 2297 रह गई है।
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