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Chitrakoot News: करोड़ों खर्च के बाद भी अधूरा कामतानाथ परिक्रमा मार्ग
Fri, 19 Sep 2025 12:30 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 19 Sep 2025 12:30 AM IST
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फोटो-2- परिक्रमा मार्ग का टूटा रास्ता। संवाद
- फोटो : mathura
चित्रकूट। भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट के कामतानाथ परिक्रमा मार्ग की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। पूरे मार्ग में पत्थर बिछाए जा चुके हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के क्षेत्र में जगह-जगह गड्ढे खुले पड़े हैं, जिससे रास्ता आधा अधूरा सा दिखता है।
श्रद्धालु आरके मिश्र, राज हंस, मोहन कुमार, देवव्रत बताते है कि पूरे परिक्रमा मार्ग पर पैदल चलना कठिन हो गया है क्योंकि मार्ग पर जानवरों का गोबर फैला हुआ है, जिससे दुर्गंध फैली रहती है। कई स्थानों पर पानी फैला होने के कारण फिसलन भी बनी रहती है। इससे बच्चों व बुजुर्गों को परेशानी हो रही है।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच जारी सीमा विवाद इस समस्या को और जटिल बना रहा है। दोनों राज्यों के प्रशासनिक विभाग जिम्मेदारी लेने से बचते दिख रहे हैं, जिससे जरूरी मरम्मत और सफाई नहीं हो पा रही, जबकि देखा जाए तो पिछले तीन वर्षों में चित्रकूट पर्यटन विकास के लिए करोड़ों रुपये का बजट चार्ज किया जा चुका है। अकेले 2025‑26 के लिए लिए ही 50 करोड़ की राशि विशेष रूप से कामतानाथ और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास के लिए दी गई है।
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श्रद्धालु और स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सीमा विवाद का जल्द समाधान निकाला जाएगा और कामतानाथ परिक्रमा मार्ग की मरम्मत तथा सफाई का कार्य प्राथमिकता से पूरा होगा ताकि यात्रा सुगम हो सके।
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श्रद्धालु आरके मिश्र, राज हंस, मोहन कुमार, देवव्रत बताते है कि पूरे परिक्रमा मार्ग पर पैदल चलना कठिन हो गया है क्योंकि मार्ग पर जानवरों का गोबर फैला हुआ है, जिससे दुर्गंध फैली रहती है। कई स्थानों पर पानी फैला होने के कारण फिसलन भी बनी रहती है। इससे बच्चों व बुजुर्गों को परेशानी हो रही है।
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उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच जारी सीमा विवाद इस समस्या को और जटिल बना रहा है। दोनों राज्यों के प्रशासनिक विभाग जिम्मेदारी लेने से बचते दिख रहे हैं, जिससे जरूरी मरम्मत और सफाई नहीं हो पा रही, जबकि देखा जाए तो पिछले तीन वर्षों में चित्रकूट पर्यटन विकास के लिए करोड़ों रुपये का बजट चार्ज किया जा चुका है। अकेले 2025‑26 के लिए लिए ही 50 करोड़ की राशि विशेष रूप से कामतानाथ और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास के लिए दी गई है।
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श्रद्धालु और स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सीमा विवाद का जल्द समाधान निकाला जाएगा और कामतानाथ परिक्रमा मार्ग की मरम्मत तथा सफाई का कार्य प्राथमिकता से पूरा होगा ताकि यात्रा सुगम हो सके।