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कर्मचारियों के हित में जारी करें शासनादेश
चित्रकूट
Updated Thu, 11 Aug 2016 10:41 PM IST
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धरने को संबोधित करते राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंत्री जगबली सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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प्रोन्नित वेतनमान की मांग को लेकर राज्य कर्मचारी सयुंक्त परिषद का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने कार्य छोड़कर तहसील परिसर में धरना दिया।
तहसील परिसर में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए परिषद के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र द्विवेदी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में कर्मचारी पूरी तरह हड़ताल में सहयोग करे। सरकार की वादाखिलाफी के कारण कर्मचारी हड़ताल करने को मजबूर हुए हैं।
देवेंद्र तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों के हित में सरकार को शासनादेश जारी करना चाहिए। इस मौके पर जगबली सिंह, अवधेश प्रताप सिंह, जगदीश वर्मा, नारायण सिंह, अशोक, राम बाबू कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिले के तमाम कार्यालयों के कक्ष सूने पड़े रहे। कर्मचारियों की संख्या न के बराबर रही। हड़ताल के चलते जिले के फरियादी भटकते रहे लेकिन वहीं तीन दिन तक हड़ताल रहने के कारण कई कर्मचारियों की चांदी भी रही।
लगभग पांच हजार हड़ताली कर्मचारियों में से धरना स्थल पर बमुश्किल एक हजार कर्मचारी नारेबाजी करते नजर आए। बाकी कर्मचारियों ने हड़ताल का फायदा छुट्टी के रूप में उठाया।
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तहसील परिसर में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए परिषद के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र द्विवेदी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में कर्मचारी पूरी तरह हड़ताल में सहयोग करे। सरकार की वादाखिलाफी के कारण कर्मचारी हड़ताल करने को मजबूर हुए हैं।
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देवेंद्र तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों के हित में सरकार को शासनादेश जारी करना चाहिए। इस मौके पर जगबली सिंह, अवधेश प्रताप सिंह, जगदीश वर्मा, नारायण सिंह, अशोक, राम बाबू कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिले के तमाम कार्यालयों के कक्ष सूने पड़े रहे। कर्मचारियों की संख्या न के बराबर रही। हड़ताल के चलते जिले के फरियादी भटकते रहे लेकिन वहीं तीन दिन तक हड़ताल रहने के कारण कई कर्मचारियों की चांदी भी रही।
लगभग पांच हजार हड़ताली कर्मचारियों में से धरना स्थल पर बमुश्किल एक हजार कर्मचारी नारेबाजी करते नजर आए। बाकी कर्मचारियों ने हड़ताल का फायदा छुट्टी के रूप में उठाया।