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जिला अस्पताल के डाक्टरों का नर्सिंगहोमों से बंधा है कमीशन
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Sat, 13 Jun 2015 10:40 PM IST
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सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने प्रदेश के स्वास्थ्य
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मंत्री को पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि उनके संसदीय क्षेत्र में
स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। राजकीय चिकित्सालय कर्वी रेफरल सेंटर बनकर रह
गया है।
सांसद ने आरोप लगाया है कि यहां के चिकित्सकों का इलाहाबाद के नर्सिंगहोमों से कमीशन बंधा है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से चित्रकूट के साथ-साथ बांदा की स्वास्थ्य सेवाओं में अनियमितता की गोपनीय जांच कराने मांग की है।
स्वास्थ्य मंत्री को भेजे पत्र में सांसद ने जिले के सरकारी अस्पतालों की बदहाली पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि राजकीय चिकित्सालय कर्वी में तैनात डाक्टर बिना पैसे लिए मरीजों का इलाज ही नहीं करते। इनका इलाहाबाद के नर्सिंगहोमों से कमीशन बंधा है।
मरीज के आते ही तुरंत नर्सिंगहोमों में जाने के लिए रेफर कर देते हैं। बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन करीब दो साल से रखी है पर इसे शुरू नहीं कराया जा रहा। ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में डाक्टर तो दूर, फार्मासिस्ट तक नहीं हैं। हालात बहुत खराब हैं। सांसद ने यहां तक आरोप लगाया है कि दवाएं मरीजों को न देकर बेच दी जाती हैं।
उन्होेंने स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया है कि चित्रकूट और बांदा में सभी प्रकरणों की गोपनीय जांच कराकर प्रभावी कार्रवाई कराएं। साथ ही रिक्त पदों पर चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की हालत बदतर बताई।
सांसद ने आरोप लगाया है कि यहां के चिकित्सकों का इलाहाबाद के नर्सिंगहोमों से कमीशन बंधा है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से चित्रकूट के साथ-साथ बांदा की स्वास्थ्य सेवाओं में अनियमितता की गोपनीय जांच कराने मांग की है।
स्वास्थ्य मंत्री को भेजे पत्र में सांसद ने जिले के सरकारी अस्पतालों की बदहाली पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि राजकीय चिकित्सालय कर्वी में तैनात डाक्टर बिना पैसे लिए मरीजों का इलाज ही नहीं करते। इनका इलाहाबाद के नर्सिंगहोमों से कमीशन बंधा है।
मरीज के आते ही तुरंत नर्सिंगहोमों में जाने के लिए रेफर कर देते हैं। बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन करीब दो साल से रखी है पर इसे शुरू नहीं कराया जा रहा। ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में डाक्टर तो दूर, फार्मासिस्ट तक नहीं हैं। हालात बहुत खराब हैं। सांसद ने यहां तक आरोप लगाया है कि दवाएं मरीजों को न देकर बेच दी जाती हैं।
उन्होेंने स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया है कि चित्रकूट और बांदा में सभी प्रकरणों की गोपनीय जांच कराकर प्रभावी कार्रवाई कराएं। साथ ही रिक्त पदों पर चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की हालत बदतर बताई।