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एचटी लाइन की चपेट में आकर दो झुलसे
ब्यूरो, अमर उजाला चित्रकूट
Updated Thu, 15 Jan 2015 12:09 AM IST
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घटना बुधवार दोपहर लगभग 12 बजे की है। यहां 11 केवीए की इनकमिंग लाइन में फाल्ट से मशीनों ने तेल फेंक दिया और धुंआ निकलने लगा। चित्रकूट और कर्वी फर्स्ट फीडर बंद हो गए। श्रमिक लाइनमैन वकीलराम निवासी गाजीपुर और संविदाकर्मी सागर पटेल निवासी बाबूपुर पहाड़ी फाल्ट देखने पहुंचे। बताते हैं कि वकीलराम ढक्कन खोल रहा था तभी पास में 11 हजार की लाइन के संपर्क में आ गया। पास में खड़ा सागर भी उसके साथ झुलस गया। यह देख उनके साथियों के हाथपांव फूल गए। किसी तरह लाइन बंद कर दोनों को वहां से निकाला गया। फिर आनन-फानन में साथी उन्हें पहले जानकीकुंड अस्पताल ले गए लेकिन उन्हें भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद उन्हें बेड़ी पुलिया स्थित एक चिकित्सालय में ले जाया गया। डॉक्टर के मुताबिक, इनमें एक पचास और दूसरा बीस फीसदी झुलस गया है।
उधर घायल बिजलीकर्मियों का कहना था कि उन्होंने जेई से कहकर शट डाउट लेने को कहा था तभी वे फाल्ट देखने गए। दूसरी ओर जेई सुनील पटेल ने इससे इनकार किया। उधर एसडीओ विनोद कुमार गंगवार ने कहा कि घटना दुखद है और मामले की जांच की जाएगी। फिलहाल दोनों कर्मचारियों का ठीक होना प्राथमिकता है।
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जर्जर उपकरण और तार से जोखिम में है जान
बनकट उपकेंद्र में जर्जर उपकरण और तार से आए दिन फाल्ट होते रहते हैं। बिजलीकर्मी के मुताबिक, लगभग एक दशक पूर्व ऐसी हालत नहीं थी। अब तो कहीं ट्रिपिंग क्वायल नहीं नजर आती। वजह बताई जाती है कि क्षमता तो 200 एंपियर है और लोड ढाई तीन सौ तक डाल दिया जाता है। बीती 8 दिसंबर को ‘अमर उजाला’ में लोड से दबा सब स्टेशन बनकट, शहर में बिजली संकट समाचार का प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।
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उधर घायल बिजलीकर्मियों का कहना था कि उन्होंने जेई से कहकर शट डाउट लेने को कहा था तभी वे फाल्ट देखने गए। दूसरी ओर जेई सुनील पटेल ने इससे इनकार किया। उधर एसडीओ विनोद कुमार गंगवार ने कहा कि घटना दुखद है और मामले की जांच की जाएगी। फिलहाल दोनों कर्मचारियों का ठीक होना प्राथमिकता है।
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जर्जर उपकरण और तार से जोखिम में है जान
बनकट उपकेंद्र में जर्जर उपकरण और तार से आए दिन फाल्ट होते रहते हैं। बिजलीकर्मी के मुताबिक, लगभग एक दशक पूर्व ऐसी हालत नहीं थी। अब तो कहीं ट्रिपिंग क्वायल नहीं नजर आती। वजह बताई जाती है कि क्षमता तो 200 एंपियर है और लोड ढाई तीन सौ तक डाल दिया जाता है। बीती 8 दिसंबर को ‘अमर उजाला’ में लोड से दबा सब स्टेशन बनकट, शहर में बिजली संकट समाचार का प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।
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