{"_id":"6995fc00c8659634e809f882","slug":"household-items-reduced-to-ashes-by-a-spark-from-the-stove-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1007-127229-2026-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: चूल्हे की चिंगारी से गृहस्थी का सामान राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: चूल्हे की चिंगारी से गृहस्थी का सामान राख
Wed, 18 Feb 2026 11:20 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 18 Feb 2026 11:20 PM IST
विज्ञापन
18 सीकेटीपी-17- आग लगने का बाद झोपड़ी के आस पास सुलगता धुंआ। संवाद
मानिकपुर/चित्रकूट। ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम चूल्ही में सुबह करीब 10 बजे चूल्हे से निकली चिंगारी ने मजदूर सुदामा के घर को पल भर में राख में तब्दील कर दिया। आग की इस घटना में परिवार की वर्षों की मेहनत से जुटाई गई पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई।
सुबह ही सुदामा मजदूरी करने के लिए निकला और उसकी पत्नी भी किसी काम से घर से बाहर थी। इस दौरान छोटी बहन चूल्हे पर भोजन बना रही थी। तभी अचानक चूल्हे से निकली चिंगारी कच्ची झोपड़ी पर जा गिरी और सूखे फूस ने तुरंत आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा घर धू-धू कर जलने लगा। उस वक्त घर में सुदामा की बहन और उसके चार मासूम बच्चे मौजूद थे।
आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों ने शोर मचाया और किसी तरह बच्चों व बहन को सुरक्षित बाहर निकाला। परिवार की पूरी जमा-पूंजी आग की भेंट चढ़ गई। इस अग्निकांड में घर में रखा धान, गेहूं समेत अन्य अनाज, कपड़े, बिस्तर, बर्तन, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, कुछ रुपये और जेवर जलकर राख हो गए। घटना के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। मानिकपुर थानाध्यक्ष श्री प्रकाश यादव ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। जांच के लिए टीम को भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुबह ही सुदामा मजदूरी करने के लिए निकला और उसकी पत्नी भी किसी काम से घर से बाहर थी। इस दौरान छोटी बहन चूल्हे पर भोजन बना रही थी। तभी अचानक चूल्हे से निकली चिंगारी कच्ची झोपड़ी पर जा गिरी और सूखे फूस ने तुरंत आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा घर धू-धू कर जलने लगा। उस वक्त घर में सुदामा की बहन और उसके चार मासूम बच्चे मौजूद थे।
विज्ञापन
आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों ने शोर मचाया और किसी तरह बच्चों व बहन को सुरक्षित बाहर निकाला। परिवार की पूरी जमा-पूंजी आग की भेंट चढ़ गई। इस अग्निकांड में घर में रखा धान, गेहूं समेत अन्य अनाज, कपड़े, बिस्तर, बर्तन, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, कुछ रुपये और जेवर जलकर राख हो गए। घटना के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। मानिकपुर थानाध्यक्ष श्री प्रकाश यादव ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। जांच के लिए टीम को भेजा गया है।
विज्ञापन