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जन सामान्य की भाषा है हिंदी इसे ही अपनाएं
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चित्रकूट। जनपद न्यायाधीश रवीन्द्र नाथ दुबे की अध्यक्षता में जिला न्यायालय में हिंदी सप्ताह के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि चित्रकूट हिंदी भाषी क्षेत्र है और आज पूरे देश में हिंदी बोली जाती है। यह भाषा जन सामान्य की है और आसानी से लोगों को समझ में आती है।
बताया कि सर्वप्रथम तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश स्व कुंवर बहादुर अस्थाना ने अक्तूबर 1975 में हिंदी में ऐतिहासिक निर्णय वीरेंद्र कुमार सिंह चौधरी बनाम जिला मजिस्ट्रेट इलाहाबाद घोषित किया। तब से आज तक हिंदी में पूरी प्रगति के साथ कार्य हो रहा है। भारतवर्ष व पूरे विश्व में हिंदी सशक्त भाषा के रूप में अपना स्थान कायम कर चुकी है। यहीं कारण है कि दक्षिण भाषी देश व पश्चिमी देश भी अपनी पुस्तकाें, चलचित्रों व लेखों को हिंदी में अनुवादित कर प्रकाशित कर रहे है। मौजूदा समय में हंसी के पात्र बनने के बजाय जन सामान्य की भाषा हिंदी में कार्य करने, लिखने, पढ़ने के साथ अपनी राष्ट्रभाषा में कार्य करने का संकल्प लेने की आवश्यकता है। अन्य भाषाओं का तिरस्कार करने की आवश्यकता नहीं है। इस दौरान सभी न्यायिक अधिकारियों ने हिंदी को राष्ट्र भाषा व जन-जन की भाषा बनाने पर बल दिया। गोष्ठी का संचालन सिविल जज अरुण कुमार यादव ने किया।
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बताया कि सर्वप्रथम तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश स्व कुंवर बहादुर अस्थाना ने अक्तूबर 1975 में हिंदी में ऐतिहासिक निर्णय वीरेंद्र कुमार सिंह चौधरी बनाम जिला मजिस्ट्रेट इलाहाबाद घोषित किया। तब से आज तक हिंदी में पूरी प्रगति के साथ कार्य हो रहा है। भारतवर्ष व पूरे विश्व में हिंदी सशक्त भाषा के रूप में अपना स्थान कायम कर चुकी है। यहीं कारण है कि दक्षिण भाषी देश व पश्चिमी देश भी अपनी पुस्तकाें, चलचित्रों व लेखों को हिंदी में अनुवादित कर प्रकाशित कर रहे है। मौजूदा समय में हंसी के पात्र बनने के बजाय जन सामान्य की भाषा हिंदी में कार्य करने, लिखने, पढ़ने के साथ अपनी राष्ट्रभाषा में कार्य करने का संकल्प लेने की आवश्यकता है। अन्य भाषाओं का तिरस्कार करने की आवश्यकता नहीं है। इस दौरान सभी न्यायिक अधिकारियों ने हिंदी को राष्ट्र भाषा व जन-जन की भाषा बनाने पर बल दिया। गोष्ठी का संचालन सिविल जज अरुण कुमार यादव ने किया।
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