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चित्रकूटः जिला जेल के हेड कांस्टेबल ने खुदकुशी की
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चित्रकूट। जिला जेल में तैनात हेड कांस्टेबल ने गुरुवार को जेल कालोनी के कमरे में अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ पीकर जान दे दी। जेलर ने हेड कांस्टेबल को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेलर ने बताया कि बेटे से विवाद के चलते वह मानसिक रूप से परेशान रहते थे।
फिरोजाबाद जिले के परशुराम कालोनी नई आबादी निवासी राकेश चतुर्वेदी (55) पुत्र ओंकारनाथ चतुर्वेदी जिला कारागार रगौली में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। बृहस्पतिवार सुबह ड्यूटी खत्म कर वह जेल कालोनी स्थित अपने कमरे पहुंचे।
वहां मौजूद छोटे भाई प्रवेश को सामान लाने के लिए बाजार भेज दिया। इसी बीच राकेश ने जहरीला पदार्थ पी लिया। बाजार से लौटे प्रवेश ने भाई को कमरे में अचेत अवस्था में देखा, तो उसने पड़ोसियों से मदद की गुहार लगाई।
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मौके पर पहुंचे जेलर ने सिपाहियों की मदद से राकेश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। भाई प्रवेश ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले फोन कर उसे बुलाया था।
वह कुछ दिनों से गुमसुम थे। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। उनके एक पुत्र व दो पुत्रियां हैं। जेलर श्रीप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि पुत्र से विवाद होने की बात सामने आ रही है। कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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फिरोजाबाद जिले के परशुराम कालोनी नई आबादी निवासी राकेश चतुर्वेदी (55) पुत्र ओंकारनाथ चतुर्वेदी जिला कारागार रगौली में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। बृहस्पतिवार सुबह ड्यूटी खत्म कर वह जेल कालोनी स्थित अपने कमरे पहुंचे।
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वहां मौजूद छोटे भाई प्रवेश को सामान लाने के लिए बाजार भेज दिया। इसी बीच राकेश ने जहरीला पदार्थ पी लिया। बाजार से लौटे प्रवेश ने भाई को कमरे में अचेत अवस्था में देखा, तो उसने पड़ोसियों से मदद की गुहार लगाई।
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मौके पर पहुंचे जेलर ने सिपाहियों की मदद से राकेश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। भाई प्रवेश ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले फोन कर उसे बुलाया था।
वह कुछ दिनों से गुमसुम थे। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। उनके एक पुत्र व दो पुत्रियां हैं। जेलर श्रीप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि पुत्र से विवाद होने की बात सामने आ रही है। कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।