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Chitrakoot News: गैस सिलिंडर का संकट, गीली लकड़ी से चूल्हे फूंक रहीं महिलाएं
Sat, 21 Mar 2026 10:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sat, 21 Mar 2026 10:55 PM IST
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फोटो 21सीकेटीपी-20- एजेंसी के बाहर सिलिंडर के लिए लाइन में खड़े लोग। संवाद
चित्रकूट। जिले में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति बाधित होने से आम लोगों और कैंटीन चलाने वाली महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिलिंडर न मिलने से महिलाएं मजबूरन गीली लकड़ी से चूल्हे पर खाना बनाने को विवश हैं। खराब मौसम में गीली लकड़ी ठीक से जलती नहीं। भोजन तैयार करने में घंटों समय भी लगता है। जिससे उनके सामने रोजगार का भी संकट खड़ा हो गया है।
कैंटीन चला रही महिलाओं ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से गैस सिलिंडर के लिए एजेंसियों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन न तो घरेलू सिलिंडर मिल पा रहा है और न ही व्यावसायिक। इस संकट के चलते उनके सामने रोजगार का भी संकट खड़ा हो गया है। महिलाओं ने बताया कि लागत बढ़ने के कारण उन्होंने खाने के दाम 10 रुपये बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन ग्राहकों के विरोध के चलते उन्हें यह फैसला वापस लेना पड़ा। ऐसे में वे बिना दाम बढ़ाए ही किसी तरह काम चला रही हैं।
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360 सिलिंडरों पर 500 से अधिक लोगों की भीड़
गैस एजेंसियों पर हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। एक ओर जहां 1080 सिलिंडरों की आपूर्ति की बात कही जा रही है, वहीं एक गाड़ी में केवल 360 सिलिंडर ही पहुंचे। इसके बाद 500 से अधिक लोग सिलिंडर लेने के लिए लाइन में खड़े रहे। इनमें से कुछ को ही सिलिंडर मिल सका, जबकि कई लोग घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए। एसडीएम कॉलोनी के रमेश, राजेश कुमार और तारा देवी ने बताया कि वे सुबह से लाइन में लगे हैं, लेकिन सिलिंडर मिलना मुश्किल हो गया है। कुछ लोगों ने बताया कि वे सुबह छह बजे से कतार में लगे थे और दोपहर 12 बजे तक भी नंबर नहीं आया।
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मांग ज्यादा भंडारण कम
जिले में वर्तमान स्थिति यह है कि करीब 7517 सिलिंडरों की बुकिंग लंबित है, जबकि भंडारण मात्र 4423 सिलिंडरों का ही है। यानी मांग के मुकाबले आपूर्ति काफी कम है। इससे संकट और गहराता जा रहा है। गैस संकट के चलते न सिर्फ घरेलू काम प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि छोटे व्यवसाय भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन से जल्द आपूर्ति सामान्य करने की मांग तेज हो गई है।
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बोले जिम्मेदार-- -- -
जिलापूर्ति अधिकारी कमल नयन सिंह ने बताया कि जिले में सिलिंडरों की लगातार आपूर्ति की जा रही है। जहां भी उपलब्धता कम है, वहां सिलिंडर पहुंचाए जा रहे हैं। बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर भी मंगवाए जा रहे हैं और लोगों को वितरित किए जा रहे हैं।
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कैंटीन चला रही महिलाओं ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से गैस सिलिंडर के लिए एजेंसियों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन न तो घरेलू सिलिंडर मिल पा रहा है और न ही व्यावसायिक। इस संकट के चलते उनके सामने रोजगार का भी संकट खड़ा हो गया है। महिलाओं ने बताया कि लागत बढ़ने के कारण उन्होंने खाने के दाम 10 रुपये बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन ग्राहकों के विरोध के चलते उन्हें यह फैसला वापस लेना पड़ा। ऐसे में वे बिना दाम बढ़ाए ही किसी तरह काम चला रही हैं।
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360 सिलिंडरों पर 500 से अधिक लोगों की भीड़
गैस एजेंसियों पर हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। एक ओर जहां 1080 सिलिंडरों की आपूर्ति की बात कही जा रही है, वहीं एक गाड़ी में केवल 360 सिलिंडर ही पहुंचे। इसके बाद 500 से अधिक लोग सिलिंडर लेने के लिए लाइन में खड़े रहे। इनमें से कुछ को ही सिलिंडर मिल सका, जबकि कई लोग घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए। एसडीएम कॉलोनी के रमेश, राजेश कुमार और तारा देवी ने बताया कि वे सुबह से लाइन में लगे हैं, लेकिन सिलिंडर मिलना मुश्किल हो गया है। कुछ लोगों ने बताया कि वे सुबह छह बजे से कतार में लगे थे और दोपहर 12 बजे तक भी नंबर नहीं आया।
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मांग ज्यादा भंडारण कम
जिले में वर्तमान स्थिति यह है कि करीब 7517 सिलिंडरों की बुकिंग लंबित है, जबकि भंडारण मात्र 4423 सिलिंडरों का ही है। यानी मांग के मुकाबले आपूर्ति काफी कम है। इससे संकट और गहराता जा रहा है। गैस संकट के चलते न सिर्फ घरेलू काम प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि छोटे व्यवसाय भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन से जल्द आपूर्ति सामान्य करने की मांग तेज हो गई है।
बोले जिम्मेदार
जिलापूर्ति अधिकारी कमल नयन सिंह ने बताया कि जिले में सिलिंडरों की लगातार आपूर्ति की जा रही है। जहां भी उपलब्धता कम है, वहां सिलिंडर पहुंचाए जा रहे हैं। बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर भी मंगवाए जा रहे हैं और लोगों को वितरित किए जा रहे हैं।

फोटो 21सीकेटीपी-20- एजेंसी के बाहर सिलिंडर के लिए लाइन में खड़े लोग। संवाद

फोटो 21सीकेटीपी-20- एजेंसी के बाहर सिलिंडर के लिए लाइन में खड़े लोग। संवाद