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चित्रकूट में ग्रामीण विकास के हर स्त्रोत में गांधी जी का दर्शन

Tue, 11 Feb 2020 11:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 11 Feb 2020 11:33 PM IST
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Gandhiji's philosophy in every source of rural development in Chitrakoot
फोटो- 15- ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में सांस्कृति प्रस्तुति प्रदर्शित करतीं छात्राएं - फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्व विद्यालय में चल रहे ग्रामोदय महोत्सव के चौथे दिन सतत ग्रामीण विकास के विविध आयाम और ग्रामोदय विश्व विद्यालय की भूमिका विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। इसमें तीन कुलपतियों सहित ग्रामीण विकास विशेषज्ञों ने व्याख्यान प्रस्तुत किए। साथ ही सभागार में डॉ. सुषमा गूजर के संयोजन में एकल एवं समूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। डॉ. वीरेंद्र कुमार व्यास के संयोजन में मध्य प्रदेश की संस्कृति एवं सभ्यता के विविध आयामों को लेकर प्रश्न मंच का आयोजन हुआ। खेलकूद प्रतियोगिताओं की श्रंखला में डॉ. तुषार कांत शास्त्री, विजय सिंह एवं धनंजय सिंह के संयोजकत्व में पुरुष एवं महिला संवर्ग की एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं संपन्न हुई।
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मंगलवार को मुख्य अतिथि जगतगुरु दिव्यांग विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश चंद्र दुबे ने कहा कि आधुनिक भारत में ग्रामीण विकास के जितने भी स्रोत हैं, उनकी परिकल्पना में महात्मा गांधी का दर्शन निहित है। विशिष्ट अतिथि दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव डॉ. अभय महाजन व ग्रामोदय विवि के कुलपति प्रो नरेश चंद गौतम ने कहा कि गांव का विकास करना ही होगा। गांव में ही रोजगार, स्कूल और गांव में ही प्रकृति प्रदत्त संसाधनों जल और वृक्षों को सुरक्षित और संरक्षित रखना होगा।
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