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चित्रकूट: करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाली गल्ला मंडी अंधेरे में
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चित्रकूट। जिला मुख्यालय स्थित गल्ला मंडी परिसर तीन दिनों से अंधेरे में हैं। करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाले गल्ला व्यापारी बिना लाइट के व्यापार करने को मजबूर हैं। व्यापारियों का आरोप है कि मंडी प्रशासन ने 52 लाख रुपये के बकाया विद्युत बिल नहीं जमा किए और उसका खामियाजा व्यापारी व किसान भुगत रहे हैं।
जानकारी के अनुसार लगभग एक वर्ष से मंडी समिति द्वारा विद्युत बिल का भुगतान नहीं किया गया है। मंडी परिसर में बुंदेलखंड पैकेज के तहत विशिष्ट मंडी का निर्माण हो रहा है, जिसमें बिजली की खपत भी ज्यादा हो रही है। व्यापारियों का आरोप है कि मंडी के कर्मचारी व सुरक्षा में तैनात पीआरडी के जवान निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों से बिजली प्रयोग के एवज में हर माह मोटी रकम वसूलते हैं।
इस संबंध में गल्ला व्यापार समिति के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल व महामंत्री गुलाब गुप्ता ने बताया कि मंडी के अधिकारियों की उदासीनता के कारण विद्युत भुगतान नहीं किया जा सका। व्यापारियों ने कई बार मंडी सचिव से कहा भी कि समय पर विद्युत बिल का भुगतान कर दें। इसके बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। 24 दिसंबर को विद्युत विभाग ने मंडी समिति कर्वी के विद्युत कनेक्शन काट दिए।
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इससे व्यापारियों व किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और चोरी की घटनाओं की संभावना बढ़ गई है। व्यापारियों ने कहा कि वह मंडी कार्यालय में किराया देते हैं, तो बिजली पानी की उपलब्धता भी प्रशासन को करनी चाहिए। इस संबंध में गल्ला मंडी सचिव विपुल कुमार ने बताया कि लगभग 52 लाख रुपये बकाया हैं। इस कारण कनेक्शन कट गया है। जब तक इसका हल नहीं निकलता तब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
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जानकारी के अनुसार लगभग एक वर्ष से मंडी समिति द्वारा विद्युत बिल का भुगतान नहीं किया गया है। मंडी परिसर में बुंदेलखंड पैकेज के तहत विशिष्ट मंडी का निर्माण हो रहा है, जिसमें बिजली की खपत भी ज्यादा हो रही है। व्यापारियों का आरोप है कि मंडी के कर्मचारी व सुरक्षा में तैनात पीआरडी के जवान निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों से बिजली प्रयोग के एवज में हर माह मोटी रकम वसूलते हैं।
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इस संबंध में गल्ला व्यापार समिति के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल व महामंत्री गुलाब गुप्ता ने बताया कि मंडी के अधिकारियों की उदासीनता के कारण विद्युत भुगतान नहीं किया जा सका। व्यापारियों ने कई बार मंडी सचिव से कहा भी कि समय पर विद्युत बिल का भुगतान कर दें। इसके बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। 24 दिसंबर को विद्युत विभाग ने मंडी समिति कर्वी के विद्युत कनेक्शन काट दिए।
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इससे व्यापारियों व किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और चोरी की घटनाओं की संभावना बढ़ गई है। व्यापारियों ने कहा कि वह मंडी कार्यालय में किराया देते हैं, तो बिजली पानी की उपलब्धता भी प्रशासन को करनी चाहिए। इस संबंध में गल्ला मंडी सचिव विपुल कुमार ने बताया कि लगभग 52 लाख रुपये बकाया हैं। इस कारण कनेक्शन कट गया है। जब तक इसका हल नहीं निकलता तब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।