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वनरक्षकों ने अदिवासियों के साथ की मारपीट
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फोटो-9- मानिकपुर के तहसील परसिर मे प्रदर्शन करते कोल आदिवासी। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
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मानिकपुर (चित्रकूट)। दलित अधिकार मंच के बैनर तले आदिवासियों ने सोमवार को तहसील मानिकपुर में प्रदर्शन कर विरोध जताया। आरोप लगाया कि वन विभाग के बरगढ़ रेंज के तीन वनरक्षकों ने मानिकपुर विकास खंड के ऊंचाडीह ग्राम पंचायत के मजरा टिकुरी के आदिवासियों के साथ मारपीट की। धमकी दी कि अपने-अपने घर छोड़कर चले जाओ, यह वन विभाग की भूमि है। एक गार्ड जबरन हस्ताक्षर कराने के लिए दबाव बना रहा है।
वन विभाग के बरगढ़ रेंज के ग्राम पंचायत ऊंचाडीह के मजरा टिकुरी में बसे आदिवासियों ने सोमवार को प्रदर्शन नायब तहसीलदार को ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि ऊचाडीह गांव का मजरा टिकुरी गांव में लगभग 20 परिवार सैकड़ों साल से रहते हैं। इनको वन विभाग की तरफ से आए दिन घर छोड़कर चले जाने की धमकी दी है। कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव डाला जाता है।
सोमवार को महेश कोल के साथ मारपीट गई। कहा कि पन्हाई चौकी में आकर हस्ताक्षर कर दो। एक अन्य वनरक्षक आदिवासियों के घरों में आकर हस्ताक्षर करने की धमकी देता है। ज्ञापन देने वालों में पाठा दलित आदिवासी अधिकार मंच के जिलाध्यक्ष माता बदल, नथिया, लक्ष्मी, सावित्री, संगीता, मीना, कुसुमा, अवध कुमार, मैकू, संतलाल, महेश भी शामिल रहे।
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इस संबंध में डीएफओ आरके दीक्षित ने बताया कि मारपीट के आरोप बिल्कुल गलत हैं। कुछ लोगों के खिलाफ वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमण कर घर बनाने के मामले में वन विभाग में रिपोर्ट दर्ज है। इसी में आरोपियों से बयान देने आने के लिए कहने टीम के सदस्य गए थे। बचने के लिए आरोपी पेशबंदी कर रहे हैं और बयान देने भी नहीं आ रहे हैं।
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वन विभाग के बरगढ़ रेंज के ग्राम पंचायत ऊंचाडीह के मजरा टिकुरी में बसे आदिवासियों ने सोमवार को प्रदर्शन नायब तहसीलदार को ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि ऊचाडीह गांव का मजरा टिकुरी गांव में लगभग 20 परिवार सैकड़ों साल से रहते हैं। इनको वन विभाग की तरफ से आए दिन घर छोड़कर चले जाने की धमकी दी है। कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव डाला जाता है।
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सोमवार को महेश कोल के साथ मारपीट गई। कहा कि पन्हाई चौकी में आकर हस्ताक्षर कर दो। एक अन्य वनरक्षक आदिवासियों के घरों में आकर हस्ताक्षर करने की धमकी देता है। ज्ञापन देने वालों में पाठा दलित आदिवासी अधिकार मंच के जिलाध्यक्ष माता बदल, नथिया, लक्ष्मी, सावित्री, संगीता, मीना, कुसुमा, अवध कुमार, मैकू, संतलाल, महेश भी शामिल रहे।
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इस संबंध में डीएफओ आरके दीक्षित ने बताया कि मारपीट के आरोप बिल्कुल गलत हैं। कुछ लोगों के खिलाफ वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमण कर घर बनाने के मामले में वन विभाग में रिपोर्ट दर्ज है। इसी में आरोपियों से बयान देने आने के लिए कहने टीम के सदस्य गए थे। बचने के लिए आरोपी पेशबंदी कर रहे हैं और बयान देने भी नहीं आ रहे हैं।