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Chitrakoot News: धर्मस्थलों की आमदनी पर वन विभाग ने किया दावा
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चित्रकूट। धर्मनगरी के वन क्षेत्र में स्थित धार्मिक स्थलों की आमदनी को लेकर नगर परिषद चित्रकूट और वनविभाग के बीच टकराव होने लगा है। यहां की आमदनी पर वन विभाग ने भी दावा कर दिया है। इसे लेकर वन विभाग के रेंजर ने नगर पंचायत के अधिकारी को पत्र लिखा है। इसमेें धर्मस्थल से मिलने वाले धन पर राजस्व के रूप में विभाग का दावा किया है। पत्र मिलने के बाद परिषद में हलचल है।
चित्रकूट मध्य प्रदेश नगर परिषद क्षेत्र के गुप्त गोदावरी और सती अनुसुइया मेंं आने वाले राजस्व को लेकर वन विभाग और नगर परिषद आमने-सामने आ गए हैं। वन विभाग ने पत्र में लिखा है कि गुप्त गोदावरी और सती अनुसइया चूंकि रिजर्व फारेस्ट क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में यहां से मिलने वाले राजस्व पर वन विभाग का हक है।
गुप्त गोदावरी और सती अनुसुइया क्षेत्र में नगर परिषद के द्वारा संचालित गतिविधियों के संबंध में दस्तावेज तलब किए जाएंगे ताकि यह स्पष्ट हो सके कि परिषद आखिर किस आदेश के तहत वन क्षेत्र वसूली कर रही है। वन विभाग के पत्र मिलने के बाद नगर परिषद में हड़कंप मच गया है। परिषद के जिम्मेदारों के द्वारा रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं। बताया गया कि 12 जनवरी को परिषद की बैठक होनी है, जिसमें इस मामले में हंगामे के आसार है।
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चित्रकूट मध्य प्रदेश नगर परिषद क्षेत्र के गुप्त गोदावरी और सती अनुसुइया मेंं आने वाले राजस्व को लेकर वन विभाग और नगर परिषद आमने-सामने आ गए हैं। वन विभाग ने पत्र में लिखा है कि गुप्त गोदावरी और सती अनुसइया चूंकि रिजर्व फारेस्ट क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में यहां से मिलने वाले राजस्व पर वन विभाग का हक है।
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गुप्त गोदावरी और सती अनुसुइया क्षेत्र में नगर परिषद के द्वारा संचालित गतिविधियों के संबंध में दस्तावेज तलब किए जाएंगे ताकि यह स्पष्ट हो सके कि परिषद आखिर किस आदेश के तहत वन क्षेत्र वसूली कर रही है। वन विभाग के पत्र मिलने के बाद नगर परिषद में हड़कंप मच गया है। परिषद के जिम्मेदारों के द्वारा रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं। बताया गया कि 12 जनवरी को परिषद की बैठक होनी है, जिसमें इस मामले में हंगामे के आसार है।
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