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चित्रकूट में कल से शूरू होगा पांच दिवसीय रामायण मेला

Wed, 19 Feb 2020 08:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 19 Feb 2020 08:42 PM IST
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Five day Ramayana fair will start in Chitrakoot from tomorrow
चित्रकूट। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट की पहचान बने राष्ट्रीय रामायण मेला में अबकी विभिन्न संस्कृतियों की कलाएं दिखेंगीं। 47 साल से यह मेला लगता आ रहा है। इसकी परिकल्पना 1960 में विख्यात समाज सेवी डा. राम मनोहर लोहिया ने की थी। इनके प्रेरणा से 1973 ई में प्रथम रामायण मेला महोत्सव का शुभारंभ हुआ। जो आज भी निरंतर जारी है।
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इस मेले में अब तक पूर्व राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई समेत कई राजनैतिक हस्तियां मंचासीन हो चुकी हैं। इस मेले को महत्व को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रांतीय रामायण मेले का रूप देकर अलग बजट भी दिया है। डा. राम मनोहर लोहिया जब 1960 में चित्रकूट आए तो यहां के साथ संतों के साथ मिलकर रामायण मेला कराने के लिए विचार किया। इसमें कहा कि श्रीराम रामायण हमारे सांस्कृतिक जीवन के और मानवीय मूल्यों के आधार बिंदू हैं। श्रीराम शील सदाचार, नैतिकता, मर्यादा, व सत्य प्रेम एवं मानव धर्म के साक्षत स्वरूप हैं। श्रीराम उत्तर से दक्षिण तक चलकर पूरे देश को एक समग्र राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है। इसको लेकर धर्मनगरी में रामायण मेला कराने निश्चय किया गया। जिसकी शुरुआत 1973 में स्व. गोपाल कृष्ण करवरिया व स्व. डा बाबूलाल गर्ग के सहयोग शुरू हुई।
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रामकथा के साथ होते सांस्कृतिक कार्यक्रम
रामायण मेला में हर साल रामकथा, रामलीला, लोक नृत्य, नारत नाट्यम, कुचिपुड़ी, मणिपुर, आडिसी, जैसे शास्त्रीय नृत्य और श्रीराम कला प्रदर्शनी, किसान मेला का आयोजन किया जाता है।
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रामायण मेला नामक स्थल पर ही कार्यक्रम
रामायण मेला जिस स्थान पर होता है, उसका नाम भी रामायण मेला भवन है, जिसमें डा. राममनोहर लोहिया प्रेक्षागृह हैं। इसके अलावा तीन हाल, पंद्रह अतिथि गृह कक्ष है जो आधुनिक सुविधाएं हैं।
राजनैतिक नेताओं का रहा जमघट
इस रामायण मेला में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. मोरारजी देसाई, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी समेत कई केंद्रीय मंत्री व उत्त्तर प्रदेश के कई मुख्यमंत्री, मंत्री सहित विख्यात संत आ चुके हैं।

21 से 25 फरवरी तक होगा रामायण मेला
रामायण मेला आयोजन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश करवरिया ने बताया कि इस बार 21 से 25 फरवरी तक रामायण मेला होगा। इस बार और अधिक भव्य रामायण मेला होगा। जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय व एडीएम जीपी सिंह ने मेले को अधिक आकर्षण बनाने के लिए सभी विभागों से सरकार के जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं की प्रदर्शनी लगाने को कहा है।
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