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पहले एसडीओ फिर अधिशासी अभियंता को बनाया बंधक
पहले एसडीओ फिर अधिशासी अभियंता को बनाया बंधक
Updated Wed, 11 Jul 2018 11:25 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। शहर में बिजली आपूर्ति को लेकर शहरवासियों का गुस्सा आएदिन सड़क पर दिखता है। मंगलवार की देररात लोगों का धैर्य जवाब दे गया। आपूर्ति को लेकर लोगों ने हाईवे पर घंटों जाम लगाया। फिर एसडीओ कार्यालय में तालाबंदी कर कई कर्मचारियों को नजरबंद कर दिया। शहरवासियों ने अधिशासी अभियंता को जबरन पकड़कर मोहल्ले में ले जाकर बिजली न होने का कष्ट दिखाया।
जिले में एक पखवाड़े से खराब बिजली आपूर्ति व्यवस्था से लोगों में गुस्सा है। विभागीय अधिकारी कर्मचारियों की लापरवाही व मनमानी से आमजनमानस ही नहीं बल्कि सत्ता में बैठे सांसद विधायक तक परेशान हैं। डीएम ने कई बार विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाई लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। मंगलवार देर रात लगभग 11 बजे शहर के नई बाजार, जगदीश गंज, सदर रोड़ व स्टेशन रोड़ के लोगों का सब्र जवाब दे गया। बिजली इन मोहल्लों में नहीं आई तो सभी ने ट्रैफिक चौराहे पर जाम लगा दिया। लगभग ढाई घंटे तक जाम लगाए प्रदर्शनकारी बिजली विभाग व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। सड़क के दोनों ओर सैकड़ों ट्रकों की लंबी लाइन इलाहाबाद- बांदा मार्ग पर लग गई। मौके पर पहुंचे सीओ विजयेंद्र द्विवेदी व कोतवाल अनिल सिंह ने सभी को समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई नहीं माना। इसके बाद सीओ व कोतवाल ने बिजली विभाग के अधिकारियों को मौेके पर बुलाया और लाइट चालू कराई तब जाकर प्रदर्शनकारी अपने अपने घर रवाना हो गए।
कार्यालय में लोगों ने जड़ा ताला
चित्रकूट। रात तो बिजली आपूर्ति चालू हो गई लेकिन बुधवार की सुबह फिर बिजली गुल होने से लोगों का गुस्सा उबाल लेने लगा। दो दर्जन प्रदर्शनकारी शहर के धुस मैदान स्थित एसडीओ कार्यालय पहुंचे। नारेबाजी करते हुए फोन न उठाने का आरोप लगाया। इसके बाद कार्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया। कार्यालय के अंदर कई कर्मचारी नजर बंद हो गये। लगभग आधे घंटे बाद स्थिति तनावपूर्ण देख मौके पर यूपी 100 टीम पहुंच गई। इसके कुछ देर बाद कार्यालय का ताला खोला गया। मौके पर पहुंचे अधिशासी अभियंता ने लाइन सही कराने का आश्वासन दिया।
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किसी तरह छूटे अधिशासी अभियंता
चित्रकूट। प्रदर्शनकारियों को आश्वासन देने के बाद जब अधिशासी अभियंता अनिल दुबे पावर हाउस का निरीक्षण करने लगे तो फिर से कुछ प्रदर्शनकारी पावर हाउस में घुस गए। अधिशासी अभियंता को पकड़कर बंधक बनाने का प्रयास किया। सभी ने कहा कि ऐसे काम नहीं होगा मौके पर चलकर लाइन सही कराओ। जब प्रदर्शनकारियों ने अधिशासी अभियंता को पकड़कर चार पहिया वाहन में जबरन बैठाने लगे तो पुलिस कर्मियों ने कोतवाली से फोर्स मंगाई। बेहद गहमागहमी के माहौल में प्रदर्शनकारी अपनी जिद पर अड़े रहे और अधिशासी अभियंता को जबरन गाड़ी में बैठाकर जगदीश गंज मोहल्ले में ले गये। मौके पर बिजली न होने का कष्ट दिखाया। कोतवाली पुलिस टीम भी साथ रही। किसी तरह अधिशासी अभियंता को प्रदर्शनकारियों के चंगुुल से छुड़वाया गया।
इस प्रदर्शन के बाद जगदीश गंज मोहल्ले की खराब तार को बदलने के आदेश दिए गए। आनन-फानन में विद्युत कर्मियों ने तार बदल कर नई तार बिछवाई।
चित्रकूट। शहर में बिजली आपूर्ति को लेकर शहरवासियों का गुस्सा आएदिन सड़क पर दिखता है। मंगलवार की देररात लोगों का धैर्य जवाब दे गया। आपूर्ति को लेकर लोगों ने हाईवे पर घंटों जाम लगाया। फिर एसडीओ कार्यालय में तालाबंदी कर कई कर्मचारियों को नजरबंद कर दिया। शहरवासियों ने अधिशासी अभियंता को जबरन पकड़कर मोहल्ले में ले जाकर बिजली न होने का कष्ट दिखाया।
जिले में एक पखवाड़े से खराब बिजली आपूर्ति व्यवस्था से लोगों में गुस्सा है। विभागीय अधिकारी कर्मचारियों की लापरवाही व मनमानी से आमजनमानस ही नहीं बल्कि सत्ता में बैठे सांसद विधायक तक परेशान हैं। डीएम ने कई बार विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाई लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। मंगलवार देर रात लगभग 11 बजे शहर के नई बाजार, जगदीश गंज, सदर रोड़ व स्टेशन रोड़ के लोगों का सब्र जवाब दे गया। बिजली इन मोहल्लों में नहीं आई तो सभी ने ट्रैफिक चौराहे पर जाम लगा दिया। लगभग ढाई घंटे तक जाम लगाए प्रदर्शनकारी बिजली विभाग व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। सड़क के दोनों ओर सैकड़ों ट्रकों की लंबी लाइन इलाहाबाद- बांदा मार्ग पर लग गई। मौके पर पहुंचे सीओ विजयेंद्र द्विवेदी व कोतवाल अनिल सिंह ने सभी को समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई नहीं माना। इसके बाद सीओ व कोतवाल ने बिजली विभाग के अधिकारियों को मौेके पर बुलाया और लाइट चालू कराई तब जाकर प्रदर्शनकारी अपने अपने घर रवाना हो गए।
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कार्यालय में लोगों ने जड़ा ताला
चित्रकूट। रात तो बिजली आपूर्ति चालू हो गई लेकिन बुधवार की सुबह फिर बिजली गुल होने से लोगों का गुस्सा उबाल लेने लगा। दो दर्जन प्रदर्शनकारी शहर के धुस मैदान स्थित एसडीओ कार्यालय पहुंचे। नारेबाजी करते हुए फोन न उठाने का आरोप लगाया। इसके बाद कार्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया। कार्यालय के अंदर कई कर्मचारी नजर बंद हो गये। लगभग आधे घंटे बाद स्थिति तनावपूर्ण देख मौके पर यूपी 100 टीम पहुंच गई। इसके कुछ देर बाद कार्यालय का ताला खोला गया। मौके पर पहुंचे अधिशासी अभियंता ने लाइन सही कराने का आश्वासन दिया।
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किसी तरह छूटे अधिशासी अभियंता
चित्रकूट। प्रदर्शनकारियों को आश्वासन देने के बाद जब अधिशासी अभियंता अनिल दुबे पावर हाउस का निरीक्षण करने लगे तो फिर से कुछ प्रदर्शनकारी पावर हाउस में घुस गए। अधिशासी अभियंता को पकड़कर बंधक बनाने का प्रयास किया। सभी ने कहा कि ऐसे काम नहीं होगा मौके पर चलकर लाइन सही कराओ। जब प्रदर्शनकारियों ने अधिशासी अभियंता को पकड़कर चार पहिया वाहन में जबरन बैठाने लगे तो पुलिस कर्मियों ने कोतवाली से फोर्स मंगाई। बेहद गहमागहमी के माहौल में प्रदर्शनकारी अपनी जिद पर अड़े रहे और अधिशासी अभियंता को जबरन गाड़ी में बैठाकर जगदीश गंज मोहल्ले में ले गये। मौके पर बिजली न होने का कष्ट दिखाया। कोतवाली पुलिस टीम भी साथ रही। किसी तरह अधिशासी अभियंता को प्रदर्शनकारियों के चंगुुल से छुड़वाया गया।
इस प्रदर्शन के बाद जगदीश गंज मोहल्ले की खराब तार को बदलने के आदेश दिए गए। आनन-फानन में विद्युत कर्मियों ने तार बदल कर नई तार बिछवाई।