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Chitrakoot News: बच्चे के बीमार होने पर स्कूल में मिलेगा प्राथमिक उपचार
Tue, 17 Feb 2026 12:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 17 Feb 2026 12:04 AM IST
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चित्रकूट। परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों पढ़ाई के दौरान अचानक बीमार हुए तो अब वहीं पर प्राथमिक उपचार होगा। साथ ही नजदीकी पीएचसी व सीएचसी के डॉक्टरों से संपर्क कर उन्हें बेहतर इलाज दिया जाएगा। ये सहूलियत देने को जिले के सभी स्कूलों में 10 तरह की दवाओं की किट खरीदी जाएगी। यह दवाएं कंपोजिट ग्रांट से क्रय होंगी।
जिले में कुल 1262 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में करीब सवा लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। अभी तक स्कूल में पढ़ाई के दौरान आए दिन बच्चे बीमार हो जाते हैं। जिनके इलाज के लिए कोई व्यवस्था नहीं होती थी। अब शासन के निर्देश के बाद अचानक बीमार होने वाले बच्चों को स्कूल में ही प्राथमिक उपचार की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय में चिकित्सा किट खरीदी जाएगी। साथ ही अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अगर किसी विद्यालय में दवाओं की किट नहीं मिली तो प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बच्चे के बीमार होने पर किसी विशेषज्ञ की सलाह पर ही दवा दी जाएगी। अधिक समस्या होने पर नजदीकी पीएचसी या सीएचसी में भर्ती कराया जाएगा।
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इन दवाओं की होगी खरीद
परिषदीय विद्यालयों में रखी जाने वाली चिकित्सा किट के लिए 10 तरह की दवाएं खरीदने का निर्देश शासन स्तर से दिए गए हैं। दवाओं में ओआरएस पाउडर, ओफ्लाक्सासिन टेबलेट-100 एमजी, पैरासिटामॉल सिरप, ओंडेम सिरप, मेट्रोजिल सिरप, डाइक्लोमाइन सिरप, बीटाडीन ऑइंटमेंट, कॉटन और बैंडेज, बैंडिड एवं डायक्लोफिनेक जेल शामिल हैं।
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परिषदीय विद्यालयों के सभी प्रधानाध्यापकों को चिकित्सा किट खरीदने का निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान किसी भी स्कूल में किट नहीं मिली तो प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -बीके शर्मा, बीएसए
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जिले में कुल 1262 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में करीब सवा लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। अभी तक स्कूल में पढ़ाई के दौरान आए दिन बच्चे बीमार हो जाते हैं। जिनके इलाज के लिए कोई व्यवस्था नहीं होती थी। अब शासन के निर्देश के बाद अचानक बीमार होने वाले बच्चों को स्कूल में ही प्राथमिक उपचार की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय में चिकित्सा किट खरीदी जाएगी। साथ ही अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अगर किसी विद्यालय में दवाओं की किट नहीं मिली तो प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बच्चे के बीमार होने पर किसी विशेषज्ञ की सलाह पर ही दवा दी जाएगी। अधिक समस्या होने पर नजदीकी पीएचसी या सीएचसी में भर्ती कराया जाएगा।
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इन दवाओं की होगी खरीद
परिषदीय विद्यालयों में रखी जाने वाली चिकित्सा किट के लिए 10 तरह की दवाएं खरीदने का निर्देश शासन स्तर से दिए गए हैं। दवाओं में ओआरएस पाउडर, ओफ्लाक्सासिन टेबलेट-100 एमजी, पैरासिटामॉल सिरप, ओंडेम सिरप, मेट्रोजिल सिरप, डाइक्लोमाइन सिरप, बीटाडीन ऑइंटमेंट, कॉटन और बैंडेज, बैंडिड एवं डायक्लोफिनेक जेल शामिल हैं।
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परिषदीय विद्यालयों के सभी प्रधानाध्यापकों को चिकित्सा किट खरीदने का निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान किसी भी स्कूल में किट नहीं मिली तो प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -बीके शर्मा, बीएसए