{"_id":"5fe0dad88ebc3e3b64146166","slug":"fir-against-pradhan-in-lease-allocation-case-chitrakutt-news-knp6013170149","type":"story","status":"publish","title_hn":"चित्रकूट: पट्टा आवंटन मामले में प्रधान के खिलाफ एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चित्रकूट: पट्टा आवंटन मामले में प्रधान के खिलाफ एफआईआर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। मऊ ब्लाक क्षेत्र के पूरबपताई गांव में पट्टा आवंटन मामले में नियमों की अनदेखी करने पर प्रधान समेत दो के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मऊ कार्यालय के लेखपाल रविशंकर द्विवेदी ने सोमवार को बताया कि पूरबपताई गांव में प्रधान ने गलत तरीके से 141 लोगों को पट्टा आवंटन किया है।
जांच में आरोप सही पाए गए, जिसकी रिपोर्ट डीएम व एसडीएम को दी गई है। उन्होंने बताया कि बिना विधिक प्रक्रिया के आवास पट्टा आवंटन को सार्वजनिक राजस्व की संपत्ति की क्षति माना गया है। बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर रविवार को प्रधान आशादेवी समेत दो के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा तीन के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
थाना प्रभारी गुलाब त्रिपाठी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होेने के बाद कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उधर, इस मामले में ग्राम प्रधान ने लेखपाल पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया में पूरी मदद कर रही हैं, लेकिन लेखपाल विपक्षियों के इशारे पर काम कर रहा है। इसके काम की भी जांच होनी चाहिए। कई बार पटटा आवंटन के लिए खुली बैठक गांव में बुलाई गई, लेकिन लेखपाल बहाने कर उसमें नहीं आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
जांच में आरोप सही पाए गए, जिसकी रिपोर्ट डीएम व एसडीएम को दी गई है। उन्होंने बताया कि बिना विधिक प्रक्रिया के आवास पट्टा आवंटन को सार्वजनिक राजस्व की संपत्ति की क्षति माना गया है। बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर रविवार को प्रधान आशादेवी समेत दो के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा तीन के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विज्ञापन
थाना प्रभारी गुलाब त्रिपाठी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होेने के बाद कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उधर, इस मामले में ग्राम प्रधान ने लेखपाल पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया में पूरी मदद कर रही हैं, लेकिन लेखपाल विपक्षियों के इशारे पर काम कर रहा है। इसके काम की भी जांच होनी चाहिए। कई बार पटटा आवंटन के लिए खुली बैठक गांव में बुलाई गई, लेकिन लेखपाल बहाने कर उसमें नहीं आए।
विज्ञापन