फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Fertilizer crisis in committees, farmers upset

समितियों में खाद का संकट, किसान परेशान

Fri, 29 Oct 2021 10:27 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 29 Oct 2021 10:27 PM IST
विज्ञापन
Fertilizer crisis in committees, farmers upset
फोटो-8- शहर की बंद पड़ी सहकारी समिति की गोदाम । संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। एक दो सहकारी समितियों में ही खाद उपलब्ध होने से किसान जिला मुख्यालय स्थित समितियों इफ्कों केंद्र के चक्कर लगा रहे है। यहां भी खाद न होने से किसान मायूस होकर लौट जाते हैं। जबकि खाद की मांग बढ़ती जा रही है। खाद न होने पर कई सहकारी समिति के केंद्रों में ताला लटका है। कुछ केंद्रों में किसानों ने कहा कि उन्हें डीएपी की जगह अन्य खाद जबरन दी जा रही है।
विज्ञापन

जिले में 39 सहकारी समितियों के केंद्रों से किसानों को खाद बांटी जाती है। इस समय डीएपी का खासा संकट है। बाजार मेें भी खाद उपलब्ध नहीं है। जिससे किसान परेशान है। सुबह से लेकर शाम तक समितियों मेें बैठे रहते है। इसके बाद भी निराश होकर घर लौट जाते है।
विज्ञापन

किसान उमाशंकर निवासी अशोह गांव, सुरेश सिंह निवासी चकौंध, कमलेश सिंह निवासी देवकली ने बताया कि डीएपी नहीं मिल रही है। जिससे गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। यदि समय रहते खाद नहीं मिली तो नुकसान होना तय है। हालांकि शुक्रवार को जिला मुख्यालय के इफ्कों केंद्र से डीएपी बांटी गई। उप कृषि अधिकारी डा. राजेश कुमार ने बताया कि दो से तीन दिन के अंदर डीएपी की रैक आने वाली है। किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होना पडे़गा।
विज्ञापन
विज्ञापन

भाकपा के जिला सचिव अमित यादव ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में रासायनिक खाद की बेहद किल्लत किसान विरोधी केंद्र और राज्य सरकार की देन है। मांगों के लिये 11 माह से जूझ रहे किसानों को सबक सिखाने के उद्देश्य से खाद का अभाव खड़ा किया गया है। इसी उद्देश्य से धान आदि फसलों को निर्धारित कीमत पर सरकारी तौर पर
खरीदा नहीं जा रहा और किसान आधे से भी कम दामों पर इसे बेचने को विवश है। किसान खाद न मिल पाने और फसल न बो पाने से पस्त है। अधिक बारिश और तूफान से हुई फसलों की बर्बादी से वह पहले ही हलकान है। खाद की भारी कमी के चलते जगह जगह किसान लाइनों में लगे रहते हैं। विक्रय एजेंसियों से झगड़े हुये हैं। बड़े पैमाने पर

खाद की कालाबाजारी जारी है। भाकपा ने चेतावनी दी कि यदि खाद की कालाबाजारी तत्काल रोकी न गयी, पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया नहीं जाता और किसानों की सभी उपजें सरकारी केंद्रों पर खरीदने की व्यवस्था न हुई तो शीघ्र ही खाद व धान क्रय केंद्रों पर प्रदर्शन करेगें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed