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Chitrakoot News: खराब एंबुलेंस ने ली मरीज की जान, लापरवाही का आरोप
Wed, 07 Jan 2026 12:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 07 Jan 2026 12:39 AM IST
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फोटो 06 सीकेटीपी 26 खराब एंबुलेंस में धक्का लगाते लोग। संवाद
- फोटो : मंडल स्तरीय चयन ट्रायल के लिए प्रतिभाग करते खिलाड़ी।
मानिकपुर। थाना क्षेत्र में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई। रेलवे पुल के पास एक मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस के अचानक खराब होने से हड़कंप मच गया। मरीज को दूसरे वाहन से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिजनों ने एंबुलेंस कर्मियों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं एंबुलेंस के खराब होने से कई घंटों तक यातायात जाम की स्थिति बनी रही।
मानिकपुर के इंदिरा नगर निवासी हेमराज सिंह ने बताया कि उनके पिता हनुमान प्रसाद (75) की सुबह करीब नौ बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने तुरंत एंबुलेंस बुलाई। हेमराज सिंह के अनुसार, एंबुलेंस लगभग आधे घंटे की देरी से पहुंची। पिता को लेकर सीएचसी आ रहे थे कि तभी रास्ते में रेलवे पुल के पास एंबुलेंस अचानक खराब हो गई। लोगों की मदद से किसी तरह एंबुलेंस को धक्का लगाकर तिगालिया चौराहे तक लाया गया। वहां से मरीज हनुमान प्रसाद को एंबुलेंस से उतारकर एक निजी वाहन से सीएचसी ले जाया गया। सीएचसी पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक के पुत्र हेमराज सिंह ने आरोप लगाया कि यदि एंबुलेंस समय पर पहुंचती और खराब न होती तो शायद उनके पिता की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे लापरवाही का मामला बताया। रेलवे पुल के पास एंबुलेंस के खराब होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। लोगों ने एंबुलेंस को धक्का देकर काफी दूर तक पहुंचाया।
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जिसके बाद ही यातायात बहाल हो सका। त्योहार के कारण बाजार में पहले से ही काफी भीड़ थी, जिससे जाम की स्थिति और भी गंभीर हो गई और नगर में कई घंटों तक आवागमन बाधित रहा। इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं में आपातकालीन व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।
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एंबुलेंस समय पर पहुंची थी और मरीज को ऑक्सीजन देते हुए ले जाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि रास्ते में अचानक एंबुलेंस का खराब हो जाना एक अप्रत्याशित घटना थी और ऐसे में कुछ नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक मशीनरी उपकरण है और इसमें खराबी आ सकती है। फिलहाल, एंबुलेंस को ठीक करवा दिया गया है।
अमित कुमार ,जिला प्रभारी एंबुलेंस सेवा
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मानिकपुर के इंदिरा नगर निवासी हेमराज सिंह ने बताया कि उनके पिता हनुमान प्रसाद (75) की सुबह करीब नौ बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने तुरंत एंबुलेंस बुलाई। हेमराज सिंह के अनुसार, एंबुलेंस लगभग आधे घंटे की देरी से पहुंची। पिता को लेकर सीएचसी आ रहे थे कि तभी रास्ते में रेलवे पुल के पास एंबुलेंस अचानक खराब हो गई। लोगों की मदद से किसी तरह एंबुलेंस को धक्का लगाकर तिगालिया चौराहे तक लाया गया। वहां से मरीज हनुमान प्रसाद को एंबुलेंस से उतारकर एक निजी वाहन से सीएचसी ले जाया गया। सीएचसी पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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मृतक के पुत्र हेमराज सिंह ने आरोप लगाया कि यदि एंबुलेंस समय पर पहुंचती और खराब न होती तो शायद उनके पिता की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे लापरवाही का मामला बताया। रेलवे पुल के पास एंबुलेंस के खराब होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। लोगों ने एंबुलेंस को धक्का देकर काफी दूर तक पहुंचाया।
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जिसके बाद ही यातायात बहाल हो सका। त्योहार के कारण बाजार में पहले से ही काफी भीड़ थी, जिससे जाम की स्थिति और भी गंभीर हो गई और नगर में कई घंटों तक आवागमन बाधित रहा। इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं में आपातकालीन व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।
एंबुलेंस समय पर पहुंची थी और मरीज को ऑक्सीजन देते हुए ले जाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि रास्ते में अचानक एंबुलेंस का खराब हो जाना एक अप्रत्याशित घटना थी और ऐसे में कुछ नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक मशीनरी उपकरण है और इसमें खराबी आ सकती है। फिलहाल, एंबुलेंस को ठीक करवा दिया गया है।
अमित कुमार ,जिला प्रभारी एंबुलेंस सेवा