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उन्नत खेती कर आय दोगुनी करें किसान: डीएम
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चित्रकूट। भारत की आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के स्थापना दिवस का कार्यक्त्रस्म कृषि विज्ञान केंद्र दीनदयाल शोध संस्थान गनीवां मे मनाया गया। जिसका उद्देश्य आत्मनिर्भर कृषि पर निर्धारित रहा। कार्यक्त्रस्म का शुभारंभ जिलाधिकारी शुभ्रांत शुक्ला, अपर उप जिलाधिकारी आकांक्षा सिंह, केंद्र प्रमुख डा. चंद्रमणि त्रिपाठी की उपस्थिति में हुआ।
शुक्रवार को कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने केंद्र पर स्थापित सभी प्रदर्शन इकाइयों समन्वित खेती प्रबंधन, मत्स्य पालन इकाई, भेड़ बकरी, मुर्गी, सुअर पालन, गोपालन, भैंस पालन इकाइयों का भ्रमण किया। साथ ही ट्राईबल सब प्लान अंतर्गत किसानों को आटा चक्की, सिंचाई के लिए पंपिंग सेट एवं पाइप, सबमरसिबल पंप, पारिवारिक स्वास्थ्य की दृष्टि से गृह वाटिका स्थापना के लिए सब्जियों के बीज महिला कृषकों को उपलब्ध कराए गए। जिलाधिकारी ने किसान और महिलाओं से कहा कि आज उर्वरकों से मिट्टी खराब हो रही है। देसी खाद का प्रयोग करने की जरूरत है। कृषकों के पास ज्ञान का भंडार है, लेकिन उसका प्रयोग खेतों पर करना है। आबादी बढ़ रही है।
इस दौरान जिलाधिकारी ने सागौन के पौधो का रोपण कर वृहद वृक्षारोपण का शुभारंभ किया। इस अवसर केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. चन्द्रमणि त्रिपाठी ने केंद्र की गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम मे केंद्र के वैज्ञानिक ममता त्रिपाठी, कमला शंकर शुक्ला, विजय कुमार गौतम, गोविद वर्मा, मनोज शर्मा आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने केंद्र पर स्थापित सभी प्रदर्शन इकाइयों समन्वित खेती प्रबंधन, मत्स्य पालन इकाई, भेड़ बकरी, मुर्गी, सुअर पालन, गोपालन, भैंस पालन इकाइयों का भ्रमण किया। साथ ही ट्राईबल सब प्लान अंतर्गत किसानों को आटा चक्की, सिंचाई के लिए पंपिंग सेट एवं पाइप, सबमरसिबल पंप, पारिवारिक स्वास्थ्य की दृष्टि से गृह वाटिका स्थापना के लिए सब्जियों के बीज महिला कृषकों को उपलब्ध कराए गए। जिलाधिकारी ने किसान और महिलाओं से कहा कि आज उर्वरकों से मिट्टी खराब हो रही है। देसी खाद का प्रयोग करने की जरूरत है। कृषकों के पास ज्ञान का भंडार है, लेकिन उसका प्रयोग खेतों पर करना है। आबादी बढ़ रही है।
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इस दौरान जिलाधिकारी ने सागौन के पौधो का रोपण कर वृहद वृक्षारोपण का शुभारंभ किया। इस अवसर केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. चन्द्रमणि त्रिपाठी ने केंद्र की गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम मे केंद्र के वैज्ञानिक ममता त्रिपाठी, कमला शंकर शुक्ला, विजय कुमार गौतम, गोविद वर्मा, मनोज शर्मा आदि मौजूद रहे।
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