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चित्रकूट में करंट की चपेट में आने से किसान की मौत
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खोही(चित्रकूट)। सीतापुर चौकी अंतर्गत बिहारा गांव के पुरवा में खेत की सिंचाई के लिए विद्युत मोटर का स्टार्टर चालू करने के दौरान एक किसान की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना बुधवार की सुबह लगभग दस बजे हुई। घटना से परिजनों में शोक छा गया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया है।
बुधवार की सुबह राममिलन अवस्थी (35) पुत्र प्रेमनारायण निवासी खोही जो अपने घर से लगभग आठ सौ मीटर दूर बिहारा गांव के पुरवा में स्थित खेत में लगी चरी की सिंचाई करने के लिए बोर में लगे विद्युत स्टार्टर को जैसे ही चालू किया तो करंट की चपेट में आ गया। खेत के पास से गुजरी गांव की विमला पांडेय ने किसान को खेत में पड़ा देखा तो आसपास वालों को सूचना दिया। आनन-फ नन में परिजन जानकीकुण्ड अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया है। मृतक के तीन पुत्री, पत्नी आशा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
किसान राममिलन के भाई चुन्नी प्रसाद ने बताया कि इसी बोर से अन्ना मवेशियों के पानी पीने के लिए खेत के पास बनी चरही में रोजाना पानी भी भरा जाता था। विद्युत विभाग के ई पीयूष कुमार ने बताया कि निजी बोर से ही खुद किसान की मौत हो जाती है । इसमें विद्युत विभाग से आर्थिक सहायता नहीं दी जाती।
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बुधवार की सुबह राममिलन अवस्थी (35) पुत्र प्रेमनारायण निवासी खोही जो अपने घर से लगभग आठ सौ मीटर दूर बिहारा गांव के पुरवा में स्थित खेत में लगी चरी की सिंचाई करने के लिए बोर में लगे विद्युत स्टार्टर को जैसे ही चालू किया तो करंट की चपेट में आ गया। खेत के पास से गुजरी गांव की विमला पांडेय ने किसान को खेत में पड़ा देखा तो आसपास वालों को सूचना दिया। आनन-फ नन में परिजन जानकीकुण्ड अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया है। मृतक के तीन पुत्री, पत्नी आशा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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किसान राममिलन के भाई चुन्नी प्रसाद ने बताया कि इसी बोर से अन्ना मवेशियों के पानी पीने के लिए खेत के पास बनी चरही में रोजाना पानी भी भरा जाता था। विद्युत विभाग के ई पीयूष कुमार ने बताया कि निजी बोर से ही खुद किसान की मौत हो जाती है । इसमें विद्युत विभाग से आर्थिक सहायता नहीं दी जाती।
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