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Chitrakoot News: संपत्ति का ब्योरा न देने पर अब गिरफ्तारी की लटकी तलवार

Thu, 01 Jan 2026 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jan 2026 11:51 PM IST
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Failure to provide property details now threatens arrest
कोषागार घोटाला :
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तीन बैंकों में भुगतान और उसे पास करने वाले कर्मचारियों की सूची आड एसआईटी को सौंपी जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। चित्रकूट। कोषागार में हुए 43.13 करोड़ रुपये के पेंशन घोटाले में नामजद पेंशनरों, दलालों और विभागीय अफसर-कर्मचारियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। दो नोटिस जारी होने के बावजूद आरोपी अपनी संपत्ति का ब्योरा देने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने उनकी गिरफ्तारी की तैयारी शुरू कर दी है। अगले सप्ताह से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इस मामले की जांच शुरू करेगा, जिसमें सबसे पहले विभागीय अधिकारियों की संपत्ति का ही विवरण खंगाला जाएगा।

एसआईटी को घोटाले की तह तक पहुंचने में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ के बाद भी दिक्कतें आ रही हैं। वे अपनी संपत्तियों का विवरण देने में टालमटोल कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजने की तैयारी में है। नामजद एटीओ विकास सचान, एकाउंटेंट अशोक वर्मा और रिटायर्ड एटीओ अवधेश प्रताप सिंह का संपत्ति का ब्योरा आधा-अधूरा मिला है। डीएम के आदेश पर इन आरोपियों की संपत्ति की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है, लेकिन उनका पूरा विवरण अभी तक जांच टीम तक नहीं पहुंचा है।
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एक सप्ताह पहले छह नए बिचौलियों की पहचान की गई है। उन्हें रविवार तक जांच टीम के सामने उपस्थित होकर अपनी और पेंशनरों की संपत्ति का ब्योरा देने का निर्देश दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, अगले सप्ताह सोमवार से ईडी जांच शुरू कर देगी। सबसे पहले यह विभागीय अधिकारियों की संपत्ति का ही विवरण खंगालेगी। एसआईटी भी ईडी को सहायता प्रदान करने के लिए अपने पास पूरा रिकॉर्ड रखना चाहती है।
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इस बीच, वर्ष 2014 से खाते और पेंशन विभाग के भुगतान की जांच में संदिग्ध मिले पांच खातों की धनराशि का मिलान बुधवार को भी नहीं हो सका। कोषागार विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इन खातों में भेजी गई धनराशि और बैंक खाते में प्रदर्शित धनराशि के अंतर का पता लगाने में असफल रहे। जांच टीम के निर्देश पर कोषागार विभाग के अधिकारियों ने इस अवधि में तीन बैंकों में भुगतान और उसे पास करने वाले कर्मचारियों की सूची बैंक अधिकारियों की मदद से तैयार की है। यह सूची शुक्रवार को एसआईटी को सौंपी जाएगी, जिसके बाद जांच टीम इन कर्मचारियों से पूछताछ कर सकती है।
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