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मनरेगा कार्य शुरू होने से मिलने लगा रोजगार
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फोटो- 9- सदर ब्लाक क्षेत्र के गांव में मनरेगा कार्य में जुटे मजदूर
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। लॉकडाउन के समय मनरेगा का कार्य शुरू होेने से मजदूरों की जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है। जिले की 335 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 323 ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू हो गया है। 21 अप्रैल से शुरू हुए कार्य में 7745 श्रमिकों को काम दिया जा रहा है। बाहर से आने वाले मजदूरों में 4568 सर्वेक्षण कराकर उनको जॉबकार्ड बनाने के लिए सचिवों को निर्देश दिए गए हैं। जल संचयन व जल संरक्षण के आधार पर कार्य किया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिग (निर्धारित दूरी) के नियम के आधार पर कार्य कराया जा रहा है।
लॉकडाउन के समय मनरेगा का कार्य शुरू होेने से मजदूरों को उनके ही गांव में काम मिलने लगा है। इससे मजदूरों के परिवारों में खुशी देखी गई। जिले में एक हजार कार्य मनरेगा के अंतर्गत शुरू किए गए है। इनमें ज्यादातर जल संचयन व संरक्षण के कार्य हैं। उधर, कुछ स्थानों पर बिना मॉस्क के ही मजदूर कार्य करते देखे जा रहे हैं।
उपायुक्त श्रमिक रोजगार अधिकारी दयाराम यादव ने बताया कि जिले में मनरेगा का कार्य प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। दावा किया कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियम के आधार पर कार्य कराए जा रहे हैं। धूम्रपान व तंबाकू पर प्रतिबंध है। बताया कि 201 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी दी जाएगी। इसका भुगतान 15 दिन में रुपये खाते में भेजकर किए जाएंगे। यह भी बताया कि 51 हजार मनरेगा से जुडे़ मजदूरों को मॉस्क देने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जो काम करना चाहते हैं वे प्रधानों व सचिवों से मिलकर पंजीयन करा ले। तीन दिन में उन्हें जॉबकार्ड उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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लॉकडाउन के समय मनरेगा का कार्य शुरू होेने से मजदूरों को उनके ही गांव में काम मिलने लगा है। इससे मजदूरों के परिवारों में खुशी देखी गई। जिले में एक हजार कार्य मनरेगा के अंतर्गत शुरू किए गए है। इनमें ज्यादातर जल संचयन व संरक्षण के कार्य हैं। उधर, कुछ स्थानों पर बिना मॉस्क के ही मजदूर कार्य करते देखे जा रहे हैं।
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उपायुक्त श्रमिक रोजगार अधिकारी दयाराम यादव ने बताया कि जिले में मनरेगा का कार्य प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। दावा किया कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियम के आधार पर कार्य कराए जा रहे हैं। धूम्रपान व तंबाकू पर प्रतिबंध है। बताया कि 201 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी दी जाएगी। इसका भुगतान 15 दिन में रुपये खाते में भेजकर किए जाएंगे। यह भी बताया कि 51 हजार मनरेगा से जुडे़ मजदूरों को मॉस्क देने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जो काम करना चाहते हैं वे प्रधानों व सचिवों से मिलकर पंजीयन करा ले। तीन दिन में उन्हें जॉबकार्ड उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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