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Chitrakoot News: मानिकपुर क्षेत्र के गांवों में गहराया पेयजल संकट

Thu, 15 May 2025 12:53 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 15 May 2025 12:53 AM IST
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Drinking water crisis deepens in the villages of Manikpur area
पानी भरने के लिए लगी भीड़।  - फोटो : संवाद
चित्रकूट। गर्मी बढ़ने पर मानिकपुर क्षेत्र के गांवों में पेयजल का संकट बढ़ने लगा है। भूगर्भ जल स्तर नीचे खिसकने से ज्यादातर हैंडपंप जवाब देने लगे हैं। इससे पानी देने वाले हैंडपंपोंं में सुबह शाम भीड़ लगी रहती है। इससे समस्या का सामना करना पड़ता है। पथरीला इलाका होने की वजह से हर साल मानिकपुर क्षेत्र के गांवों में पानी का संकट बढ़ जाता है। पेयजल संकट के साथ तालाबों व जलाशयों का पानी सूख जाता है। जंगलों व पहाड़ों से निकलने वाले नालों में पानी सूखने से मवेशियों को दिक्कत होती है।
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मानिकपुर क्षेत्र के पहाड़ों के नीचे बसे गांव रामपुर कल्याणगढ़, चुरेह केशरूवा, खिचरी, नागर, गोपीपुर, किहुनिया, टिकरिया, डोडामाफी, निही चिरैया, हरिजनपुर, रानीपुर, गिदुरहा आदि गांव के निवासी पेयजल के संकट से गुजर रहे हैं। इन गांवों में लगे हैंडपंपों में से ज्यादातर हैंडपंप खराब हो गए हैं। इससे ग्रामीण कुआं में पानी भरने को मजबूर हैं। गोपीपुर गांव के राजेश कुमार, सुनील ने बताया कि गर्मी का सीजन शुरू होते ही पेयजल का संकट गहराने लगता है। इस साल भी मई माह से हैंडपंप पानी देना छोड़ रहे हैं। दो हैंडपंप चलते है। उसमें पानी के लिए भीड़ लगती है। कई बार पानी के लिए ग्रामीणों में आपस में मारपीट भी हो जाती है।
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नागर गांव के कमलेश कुमार ने बताया कि गांव पहाड़ के नीचे बसा है। गांव में पेयजल का संकट तो बढ़ा है। साथ ही तालाब भी सूख गए हैं। किसी तरह से ग्रामीण अपने लिए पानी कुआं व अन्य जल स्रोतों से लेते हैं लेकिन पशुओं के लिए पानी बैलगाड़ी के माध्यम से गांव से दूर जलाशयों से लाना पड़ता है। रामपुर कल्याणगढ़ निवासी राजू ने बताया कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती गांव में पेयजल का संकट बढ़ता जाता है। पथरीला इलाका होने के कारण हैंडपंप रिबोर कराने के बाद भी नहीं चलते हैं ।
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जंगल के गांवों में पेयजल सप्लाई नहीं
जल संस्थान ने पेयजल के लिए सेमरदहा वाल्मीकि नदी पर अपना वाटर टीटमेंट लगा रखा है। इसके अलावा काली घाटी के नीचे बाई के कुआं के पास 12 नलकूप संचालित हैं। इन से आसपास के गांवों में पानी पाइप लाइन के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है। जंगलों के बीच बसे गांवों में पानी पहुंचाने की सुविधा नहीं है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता डीके सत्संगी ने बताया कि बिजली की आपूर्ति जब नहीं होती है, उस दौरान नलकूप नहीं चल पाते है। इससे पानी की आपूर्ति करने में समस्या होती है।

टैंकरों से भेजा जाएगा पानी
एडीएम उमेश चंद्र ने बताया कि जिन गांवों में पेयजल संकट की शिकायत मिलती है। वहां पर टैंकरों के माध्यम से ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने के गांवों के प्रधान व सचिवों काे निर्देश दिए गए हैं।
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