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मंदाकिनी के साथ अब तमशा नदी में दिव्य आरती
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सरैया/भौरी(चित्रकूट)। मंदाकिनी नदी की तर्ज पर वाल्मीकि आश्रम स्थित तमशा (वाल्मीकि) नदी में आरती कार्यक्रम की शुरुआत की गई। साधू संतों के साथ जिलाधिकारी ने मंत्रोच्चारण के साथ तमशा नदी की घंटा घड़ियाल के बीच भव्य आरती उतारी गई।
लालापुर गांव स्थित वाल्मीकि आश्रम के पास तमसा नदी बहती है। मंदाकिनी नदी की तर्ज पर यहां भी आरती कार्यक्रम की शुरुआत की गई। गुरुवार को जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय के नेतृत्व में शंख व घंटा घड़ियाल के बीच तमशा नदी की आरती उतारी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि वाल्मीकि आश्रम के विकास के लिए दो करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिससे यहां का विकास कार्य कराया जाएगा।
उन्होंने ग्राम प्रधान से कहा कि नदी स्थल पर आरती स्थल बनाया जाए। नदी की सफाई कराई जाए। वाल्मीकि आश्रम के महंत भरतदास ने वाल्मीकि आश्रम व तमसा नदी के इतिहास के बारे में जानकारी दी। इस मौके पद दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन, ग्राम प्रधान बगरेही श्लोक शुक्ला, पंकज अग्रवाल व विपुल प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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लालापुर गांव स्थित वाल्मीकि आश्रम के पास तमसा नदी बहती है। मंदाकिनी नदी की तर्ज पर यहां भी आरती कार्यक्रम की शुरुआत की गई। गुरुवार को जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय के नेतृत्व में शंख व घंटा घड़ियाल के बीच तमशा नदी की आरती उतारी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि वाल्मीकि आश्रम के विकास के लिए दो करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिससे यहां का विकास कार्य कराया जाएगा।
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उन्होंने ग्राम प्रधान से कहा कि नदी स्थल पर आरती स्थल बनाया जाए। नदी की सफाई कराई जाए। वाल्मीकि आश्रम के महंत भरतदास ने वाल्मीकि आश्रम व तमसा नदी के इतिहास के बारे में जानकारी दी। इस मौके पद दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन, ग्राम प्रधान बगरेही श्लोक शुक्ला, पंकज अग्रवाल व विपुल प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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