फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Didn't go to Ramghat at night, only death stopped me at the station

Chitrakoot News: रात को नहीं गए रामघाट, मौत ने ही स्टेशन पर रोका

Tue, 02 Apr 2024 11:01 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Tue, 02 Apr 2024 11:01 PM IST
विज्ञापन
Didn't go to Ramghat at night, only death stopped me at the station
चित्रकूट। कन्नौज से आए तीन तीर्थयात्री और हमीरपुर जिले से इलाज कराने आए भाई-बहन समेत छह लोग सोमवार की देर रात लगभग साढ़ेे 11 बजे चित्रकूट रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। रात को चित्रकूट में रात्रि विश्राम के लिए कोई पूर्व निर्धारित स्थल न होने से सभी स्टेशन पर ही रुककर सुबह होने का इंतजार करते रहे। इन्हें तनिक भी अहसास नहीं था कि मंगलवार की सुबह इनके लिए काल बन जाएगी।
विज्ञापन

रेलवे स्टेशन पर कन्नौज के अनिरूद्ध, अखिलेश, अतर, हमीरपुर के धर्मेंद्र, निधि व सुमित अलग-अलग थे। सुबह स्टेशन के बाहर आने पर एक-दूसरे का परिचय हुआ तो धर्मेंद्र ने जानकीकुंड अस्पताल जाने की बात बताई। घायल सुमित के अनुसार, सभी ने तय किया कि पहले रामघाट में स्नान कर मंदिर में दर्शन करेंगे फिर तब तक अस्पताल खुल जाएगा तो इलाज कराने चले जाएंगे। जैसे ही वह स्टेशन गेट के बाहर निकले तो एक नई हरे रंग की ऑटो के चालक ने उन्हें रामघाट तक पहुंचाने की बात कही। ऑटो में ही एक अन्य युवक भी था।
विज्ञापन

कुल आठ लोग इसमें सवार होकर स्टेशन से लगभग साढ़े तीन किमी आगे रामघाट की ओर बढ़े तो ओवरटेक के बाद सामने से आए बालू लदे डंपर से टक्कर हो गई। इससे ऑटो के परखच्चे उड़ गए। इसमें सुमित को छोड़़कर चालक समेत सभी की मौत हो गई। जिला अस्पताल व पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। परिजनों ने यहां तक कहा कि मौत ने ही सभी को स्टेशन पर रोक दिया था अन्यथा वह सब चाहते तो रात मेें ही ऑटो या ई रिक्शा से रामघाट तक जा सकते थे क्योंकि वहां के लिए साधन रात में दो बजे तक चलते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------------
20 मिनट तक तड़पते रहे घायल
चित्रकूट। चकमाली के पास दर्दनाक हादसे के दौरान मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों छोटू, सत्येंद्र कुमार आदि ने बताया कि घटना के बाद ऑटो सवार लगभग बीस मिनट तक हाईवे व ऑटो में फंसे तडपते रहे। बताया गया कि सूचना के बाद भी पुलिस व एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद एसपी व एएसपी ने मामले को संज्ञान लिया तो 20 मिनट बाद कार्रवाई शुरु हुई। वहीं, रेलवे स्टेशन से अन्य वाहनों से जा रहे अन्य यात्रियों ने बताया कि जब यह घटना होते देखी तो कांप गए। बताया कि यह सभी लोग स्टेशन के बाहर सेल्फी भी लेते देखे गए थे। शहर के कई जगह लगे सीसीटीवी फुटेज से यह पता लग सकता है कि ऑटो की गति क्या थी। घटना के दौरान ओवरटेक में किसकी गलती थी।
--------------------
धर्मेंद्र था भाजपा नेता
चित्रकूट। हमीरपुर के भरूआ निवासी धर्मेंद्र सोनी बहन निधि के साथ आये थे। वह भाजपा के पिछड़े वर्ग के जिला मीडिया प्रभारी थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed