फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Devotees do not wander Jharkhandi mother

भक्तों को भटकने नहीं देती झारखंडी माता

Sat, 16 Apr 2016 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो चित्रकूट
अमर उजाला ब्यूरो चित्रकूट Updated Sat, 16 Apr 2016 12:30 AM IST
विज्ञापन
Devotees do not wander Jharkhandi mother
तरौंहा स्थित मां झारखंडी माता का मंदिर में पूजन करते भक्तगण। - फोटो : अमर उजाला

धर्म नगरी में चैत्र नवरात्र पर जगह-जगह देवी मंदिरों में पूजन हवन के साथ पूर्णाहुति हुई। देवी मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। तरौंहा की झारखंडी माता का मंदिर बेहद प्रसिद्ध है। मान्यता है कि इनकी पूजा करने वालों को मां कभी गलत रास्ते में नहीं भटकने देती, इन्हें बिछड़ों को मिलाने वाली माता भी कहा जाता है। भटकों को रास्ता दिखाती है मां झारखंडी।

विज्ञापन



 मुख्यालय का ही एक हिस्सा तरौंहा के नाम से विख्यात है, जहां हिंदु मुस्लिम की एकता भी प्रसिद्ध है। यहीं बस्ती से थोड़ा दूर केवटरा मार्ग पर 35 फुट की उंचाई पर मां झारखंडी का मंदिर है। यह बेहद प्राचीन व दिव्य स्थान है। इस मंदिर की मूर्तियां देखने  में जितनी छोटी लगती हैं, उतना ही बड़ा चमत्कार करती हैं, यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने पर सही मार्ग पर सबको ले जाती है मां।
विज्ञापन



यह मंदिर परिसर बड़ा है, लेकिन मां का दरबार खुले आसमान के नीचे ही है। मान्यता है कि मां नहीं चाहती कि  उन्हें मंदिंर के अंदर रखा जाए, जिसने भी उनके उपर छत या दीवार बनवाने का प्रयास किया तो वह सफल नहीं हुआ। झारखंडी माता बिछड़ों को मिलाने वाली माता कही जाती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed