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Chitrakoot News: करोड़ों खर्च के बाद भी अस्पताल बेमकसद, भटक रहे पशुपालक
Sun, 21 Sep 2025 12:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 21 Sep 2025 12:18 AM IST
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चित्रकूट। यहां दो नवनिर्मित पशु अस्पताल आज तक संचालित नहीं हो सके। करीब 1.10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार भवन अब जर्जर होने लगे हैं। पशुपालक इलाज के लिए भटक रहे हैं जबकि सरकार का पैसा भी बर्बाद हो रहा है।
सदर तहसील के घुरेटनपुर और मानिकपुर के रुकमा बुजुर्ग गांव में वर्ष 2016 में अस्पतालों का निर्माण शुरू हुआ था। वर्ष 2020 में भवन तैयार हो गए और 2022 में विभाग को हैंडओवर भी कर दिया गया, लेकिन शासन से डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती न होने से संचालन संभव नहीं हुआ। अब स्थिति यह है कि भवनों में खरपतवार उग आए हैं, दीवारों में दरारें पड़ गईं हैं और रंग-रोगन उखड़ने लगे हैं।
पशुपालक रोहित सिंह पटेल, प्रखर सिंह, संदीप पटेल और मनोज पटेल ने बताया कि कई बार विभाग को शिकायत दी गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सुरेश कुमार पांडेय ने कहा कि दोनों अस्पतालों के संचालन के लिए शासन को कई बार पत्र भेजा गया है, लेकिन तैनाती न होने से काम शुरू नहीं हो सका।
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सदर तहसील के घुरेटनपुर और मानिकपुर के रुकमा बुजुर्ग गांव में वर्ष 2016 में अस्पतालों का निर्माण शुरू हुआ था। वर्ष 2020 में भवन तैयार हो गए और 2022 में विभाग को हैंडओवर भी कर दिया गया, लेकिन शासन से डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती न होने से संचालन संभव नहीं हुआ। अब स्थिति यह है कि भवनों में खरपतवार उग आए हैं, दीवारों में दरारें पड़ गईं हैं और रंग-रोगन उखड़ने लगे हैं।
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पशुपालक रोहित सिंह पटेल, प्रखर सिंह, संदीप पटेल और मनोज पटेल ने बताया कि कई बार विभाग को शिकायत दी गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सुरेश कुमार पांडेय ने कहा कि दोनों अस्पतालों के संचालन के लिए शासन को कई बार पत्र भेजा गया है, लेकिन तैनाती न होने से काम शुरू नहीं हो सका।
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