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पहाड़ से पत्थर गिरने से मजदूर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
Updated Mon, 07 Dec 2015 11:00 PM IST
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भरतकूप
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( चित्रकूट)। पहाड़ पर मशीन से चट्टान काट रहे मजदूरों पर ऊंचाई से पत्थर
गिरा। जिसमें एक को गंभीर चोट आई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अन्य
साथी मजदूरों को मामूली चोटें आई।
घटना भरतकूप चौकी क्षेत्र के गोंडा पहाड़ की है। बताया गया है कि बाबू सिंह की खदान पर सोमवार की सुबह मजदूर प्रभुदयाल पुत्र रामबहोरी निवासी अरछा बरेठी अपने साथी मजदूर राजी पुत्र रामचंद्र व चुनकू पुत्र कलेश्वर निवासी अकबरपुर मशीन से चट्टान काट रहे थे।
इसी दौरान दोपहर को अचानक ऊंचाई से एक पत्थर सीधे प्रभुदयाल के कंधे पर गिरा। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। भागदौड़ में अन्य दोनों भी गिरकर घायल हुए।
घटना होते ही खदान के नीचे मौजूद अन्य मजदूर मौके पर पहुंचे और घायल को प्राइवेट वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जानकारी होते ही खदान के प्रोपाइटर व अन्य लोग जिला अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम को भेजा।
मृतक मजदूर का परिवार लगभग पांच वर्षों से पैतृक गांव अरछा बरेठी छोड़कर भरतकूप में रहने लगा था। तीन वर्ष पूर्व मजदूर का विवाह हुआ था।
तीन भाइयों में वह सबसे बड़ा था। उसके छोटे दोनों भाई भी इन्हीं खदानों में पत्थर तोड़ने का काम करते हैं। छोटे भाई राजा ने बताया कि एक वर्ष पूर्व भी गोंडा पहाड़ पर चट्टान तोड़ते समय हादसा हुआ था।
जिसमें दो मजदूर घायल हुए थे। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी घटनाएं होती रहीं हैं। मजदूरों की सुरक्षा के कोई उपाय नहीं हैं। घटना होने के बाद खदान के ठेकेदार कुछ आर्थिक सहायता देकर पीड़ित परिजनों का मुंह बंद कर देते हैं।
घटना भरतकूप चौकी क्षेत्र के गोंडा पहाड़ की है। बताया गया है कि बाबू सिंह की खदान पर सोमवार की सुबह मजदूर प्रभुदयाल पुत्र रामबहोरी निवासी अरछा बरेठी अपने साथी मजदूर राजी पुत्र रामचंद्र व चुनकू पुत्र कलेश्वर निवासी अकबरपुर मशीन से चट्टान काट रहे थे।
इसी दौरान दोपहर को अचानक ऊंचाई से एक पत्थर सीधे प्रभुदयाल के कंधे पर गिरा। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। भागदौड़ में अन्य दोनों भी गिरकर घायल हुए।
घटना होते ही खदान के नीचे मौजूद अन्य मजदूर मौके पर पहुंचे और घायल को प्राइवेट वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जानकारी होते ही खदान के प्रोपाइटर व अन्य लोग जिला अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम को भेजा।
मृतक मजदूर का परिवार लगभग पांच वर्षों से पैतृक गांव अरछा बरेठी छोड़कर भरतकूप में रहने लगा था। तीन वर्ष पूर्व मजदूर का विवाह हुआ था।
तीन भाइयों में वह सबसे बड़ा था। उसके छोटे दोनों भाई भी इन्हीं खदानों में पत्थर तोड़ने का काम करते हैं। छोटे भाई राजा ने बताया कि एक वर्ष पूर्व भी गोंडा पहाड़ पर चट्टान तोड़ते समय हादसा हुआ था।
जिसमें दो मजदूर घायल हुए थे। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी घटनाएं होती रहीं हैं। मजदूरों की सुरक्षा के कोई उपाय नहीं हैं। घटना होने के बाद खदान के ठेकेदार कुछ आर्थिक सहायता देकर पीड़ित परिजनों का मुंह बंद कर देते हैं।