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मंदाकिनी नदी में डूबे छात्र की मौत
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रामघाट मंदाकिनी किनारे डूबे छात्र की तलाश के दौरान मौजूद पुलिस, सहपाठी व अन्य। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
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खोही(चित्रकूट)। दोस्त के साथ मंदाकिनी नदी में नहाने आए बीएससी के छात्र की पानी में डूबने से मौत हो गई। लगभग आठ घंटे बाद गोताखोरों ने शव को बाहर निकल। मृतक छात्र शाहजहांपुर जिले का निवासी था। बांदा में कृषि विश्वविद्यालय में रहकर बीएससी की पढ़ाई कर रहा था। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर शव का पंचनामा कराया है।
शाहजहांपुर जिले के झरहर हरीपुर निवासी सुवेंद्र मिश्रा उर्फ सुरेंद्र (21) पुत्र भगवान सरन मिश्रा अपने दोस्त दीपक पटेल निवासी सभापुर पहाड़ी के साथ से बांदा से सभापुर गांव आया था। शनिवार की सुबह सुवेंद्र को लेकर दीपक बाइक से चित्रकूट में सती अनसुईया, गुप्त गोदावरी घूमने के बाद कामतानाथ की परिक्रमा की। परिक्रमा करने के बाद दोनों मंदाकिनी में स्नान करने पहुंचे। सुवेंद्र रामघाट की सीढ़ियों से आगे बढ़ा और पानी में पहुुंचते ही सीढ़ी में लगी काई से उसका पैर फिसल गया और वह मंदाकिनी में डूब गया। यह देख दीपक व आसपास मौजूद लोग चीख पड़े और पुलिस सूचना दी।
सहपाठी दीपक ने बताया कि सुवेंद्र को तैरना नहीं आता था। जिससे वह संभल नहीं सका और तेज बहाव होने से वह नीचे ही चला गया। कुछ नाविकों ने नदी में कूदकर उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
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सीतापुर चौकी प्रभारी रामवीर सिंह हमराहियों के साथ कुछ गोताखोरों को बुलाकर छात्र की तलाश शुरू कराई। लगभग आठ घंटे बाद छात्र को गोताखोरों ने लगभग 50 मीटर आगे ढूंढ निकाला लेकिन तबतक उसकी मौत हो चुकी थी।
काई से फिसले छात्र की आंख में लगा पत्थर
चित्रकूट। मृतक छात्र के सहपाठी दीपक व कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुवेंद्र ने मोबाइल व अपना बैग दीपक को देकर मंदाकिनी में नहाने के लिए उतरा। पानी में उतरते ही घाट की सीढ़ियों में काई से पैर फिसला तो उसकी बाईं आंख में घाट की सीढ़ियां लगी जिससे आंख में गहरी चोट आई और लगातार खून का बहाव होता रहा। मृतक की आंख पूरी तरह क्षतिग्रस्त थी।
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शाहजहांपुर जिले के झरहर हरीपुर निवासी सुवेंद्र मिश्रा उर्फ सुरेंद्र (21) पुत्र भगवान सरन मिश्रा अपने दोस्त दीपक पटेल निवासी सभापुर पहाड़ी के साथ से बांदा से सभापुर गांव आया था। शनिवार की सुबह सुवेंद्र को लेकर दीपक बाइक से चित्रकूट में सती अनसुईया, गुप्त गोदावरी घूमने के बाद कामतानाथ की परिक्रमा की। परिक्रमा करने के बाद दोनों मंदाकिनी में स्नान करने पहुंचे। सुवेंद्र रामघाट की सीढ़ियों से आगे बढ़ा और पानी में पहुुंचते ही सीढ़ी में लगी काई से उसका पैर फिसल गया और वह मंदाकिनी में डूब गया। यह देख दीपक व आसपास मौजूद लोग चीख पड़े और पुलिस सूचना दी।
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सहपाठी दीपक ने बताया कि सुवेंद्र को तैरना नहीं आता था। जिससे वह संभल नहीं सका और तेज बहाव होने से वह नीचे ही चला गया। कुछ नाविकों ने नदी में कूदकर उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
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सीतापुर चौकी प्रभारी रामवीर सिंह हमराहियों के साथ कुछ गोताखोरों को बुलाकर छात्र की तलाश शुरू कराई। लगभग आठ घंटे बाद छात्र को गोताखोरों ने लगभग 50 मीटर आगे ढूंढ निकाला लेकिन तबतक उसकी मौत हो चुकी थी।
काई से फिसले छात्र की आंख में लगा पत्थर
चित्रकूट। मृतक छात्र के सहपाठी दीपक व कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुवेंद्र ने मोबाइल व अपना बैग दीपक को देकर मंदाकिनी में नहाने के लिए उतरा। पानी में उतरते ही घाट की सीढ़ियों में काई से पैर फिसला तो उसकी बाईं आंख में घाट की सीढ़ियां लगी जिससे आंख में गहरी चोट आई और लगातार खून का बहाव होता रहा। मृतक की आंख पूरी तरह क्षतिग्रस्त थी।

सुवेंद्र मिश्रा उर्फ सुरेंद्र- फाइल फोटो। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT