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Chitrakoot News: दो कुलों को आपस में जोड़ने का कार्य करतीं बेटियां
Wed, 17 Sep 2025 11:33 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 17 Sep 2025 11:33 PM IST
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फोटो-17 सीकेटीपी-1- परिचय- श्रीमदभागवत कथा सुनाते आचार्य नवलेश दीक्षित। संवाद
चित्रकूट। श्रीधर आश्रम हनुमान मंदिर में चल रही श्रीराम कथा में आचार्य नवलेश दीक्षित ने कहा कि जीवन में कोई भी कार्य करें तो मंगलाचरण के रूप में श्रीगणेश जी का पूजन करना चाहिए। उन्होंने श्रीकृष्ण विवाह की कथा सुनाई।
श्रीराम कथा में व्यास ने कहा कि वास्तविक में बेटी का कन्यादान करते समय माता-पिता कितना दीन होकर करुणा से द्रवित हो जाते हैं। दुनिया में अगर बेटी न होती तो संसार में संबंध कैसे चलते।
समाज में बेटियां ही हैं जो दो कुलों को आपस में जोड़ने का कार्य करती हैं।यह कन्या ही सबकाे जोड़ना सिखाती है। इसलिए बेटियों का सम्मान हर परिस्थिति में करना चाहिए।
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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का सूत्र तभी सार्थिक होगा। राम चरित मानस में गोस्वामी तुलसीदास ने सबसे पहले मंगलाचरण किया। यजमान भारतपुर के आयोजक नंद किशोर, चन्द्रप्रभा ने अपने परिवार के साथ आरती कर प्रसाद वितरण किया।
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श्रीराम कथा में व्यास ने कहा कि वास्तविक में बेटी का कन्यादान करते समय माता-पिता कितना दीन होकर करुणा से द्रवित हो जाते हैं। दुनिया में अगर बेटी न होती तो संसार में संबंध कैसे चलते।
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समाज में बेटियां ही हैं जो दो कुलों को आपस में जोड़ने का कार्य करती हैं।यह कन्या ही सबकाे जोड़ना सिखाती है। इसलिए बेटियों का सम्मान हर परिस्थिति में करना चाहिए।
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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का सूत्र तभी सार्थिक होगा। राम चरित मानस में गोस्वामी तुलसीदास ने सबसे पहले मंगलाचरण किया। यजमान भारतपुर के आयोजक नंद किशोर, चन्द्रप्रभा ने अपने परिवार के साथ आरती कर प्रसाद वितरण किया।