फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Dacoit Gauri Yadav's mother said this, Chitrakoot news

चित्रकूट: डाकू गौरी की मां बोलीं- जैसा किया होगा तो भोगना ही पडे़गा, पाल पोस पढ़ाया अब देखने को तरसती बूढ़ी आंखें

Wed, 30 Jun 2021 03:44 PM IST
शिखा पांडेय सुधीर अग्रवाल/ प्रमोद त्रिपाठी, अमर उजाला, चित्रकूट
सुधीर अग्रवाल/ प्रमोद त्रिपाठी, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 30 Jun 2021 03:44 PM IST
सार

बरबस ही उसके मुंह से निकला कुख्यात ददुआ व ठोकिया का आतंक रहा है तभी से गौरी भी उनके संपर्क में आ गया। इसके बाद वह पुलिस के संपर्क में आया।

विज्ञापन
Dacoit Gauri Yadav's mother said this, Chitrakoot news
डाकू गौरी यादव की मां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चित्रकूट जिले में मानिकपुर ब्लॉक क्षेत्र के ददरी ग्राम पंचायत की पूर्व प्रधान राजरानी ने आज इकलौते बेटे डेढ़ लाख के इनामी डाकू गौरी यादव की काली करतूतों पर कहा कि गलत काम किया होगा तो उसका परिणाम भोगना ही पडे़गा।
विज्ञापन


बातचीत के दौरान कहा कि ढाई साल की उम्र में गौरी के पिता की मौत हो गई। इसके बाद इकलौते बेटे को कक्षा दस की पढ़ाई कराई और नौकरी कराने के प्रयास किए लेकिन उसे पता नहीं था कि यह अपराध की दुनिया में कूद जाएगा।
विज्ञापन


बरबस ही उसके मुंह से निकला कुख्यात ददुआ व ठोकिया का आतंक रहा है तभी से गौरी भी उनके संपर्क में आ गया। इसके बाद वह पुलिस के संपर्क में आया। कई बार उसने पुलिस एसटीएफ विभाग के कई अधिकारियों के नाम लेकर बताया कि पुलिसय वही जबरई लई गे, फे बदमाश बना दीहिस...।
विज्ञापन
विज्ञापन


बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के बेलहरी गांव निवासी डाकू गौरी यादव इस समय यूपी एमपी पुलिस के लिए सिरदर्द बना है। दोनों प्रांत की पुलिस टीमें इसे विधानसभा चुनाव के पहले ही मार गिराना चाहती हैं। लगभग 21 साल पहले सन 2000 में वह ददुआ व ठोकिया गैंग का पिट्ठू था।

उनकी थैली लेकर पहाड़ों में जाता और असलहे लेकर गांव में घूमता था। सन 2005 में यह पुलिस की निगाह में तब चढ़ा जब नयागांव थाना मप्र और मारकुंडी थाना चित्रकूट में अपहरण कर फिरौती मांगने, फायरिंग कर दहशत फैलाने और गांव में घुसकर मारपीट करने का पहला मामला दर्ज हुआ।

इसी बीच ददुआ ने जब कुछ गौरी के स्वाजातीय लोगों की हत्या की तब से वह दूरी बनाने लगा। ददुआ और ठोकिया के मारे जाने के बाद इसने सन 2009 में आत्मसमर्पण कर दिया था। जेल से छूटने के बाद वह गांव में ही रहता था तो सन 2012 में दिल्ली से एक चोरी मामले की तफ्शीश कर चोर को पकड़ने आये दरोगा को गोली मारकर फिर से बीहड़ में कूद गया। तब से यह लगातार पुलिस के लिए सिरदर्द बना है।
   
पुलिस के संरक्षण ने बनाया अपराधी
उसकी मां राजरानी ने बताया कि बेलहरी गांव के बगल में स्थित सपहा के कालेज में कक्षा 10 तक पढ़ने के बाद गौरी ने परिवार चलाने के लिए क्षेत्र के ही कुछ लोगों के वाहन चलाना शुरू कर दिया था। कुछ दिन उसने कर्वी से मडईयन तक सवारी गाड़ी भी चलाई।

मां के अनुसार पुलिस के संरक्षण का फायदा उठाकर उसने छोटी मोटी आपराधिक गतिविधियां भी शुरू कर दी किंतु उस समय पुलिस की निगाहें दस्यु सरगना ददुआ के सफाए पर थी इसलिए पुलिस टीम गौरी की मामूली आपराधिक गतिविधियों को नजरअंदाज करती रही। गौरी की शादी हो चुकी थी।

उसके दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। लेकिन पत्नी व बच्चे कहां रहते हैं इसका कुछ पता नहीं है। अब पुलिस व दुश्मनी के कारण कोई गांव नहीं आता है। अकेेले वह बूढ़ी होने के बाद भी टूटे कच्चे घर में रहती है। डाकू गौरी के नाम के घर की कुर्की हो चुकी है। 

चित्रकूटधाम मंडल के आईजी के. सत्यनारायण ने बताया कि इस डाकू पर यूपी से एक लाख व एमपी से 50 हजार का इनाम घोषित है। यूपी की ओर से इस डाकू को मार गिराने के लिए पांच लाख का इनाम करने की संस्तुति फाइल शासन को भेजी जा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed