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पुलिसकर्मी समेत तीन को उम्र कैद
चित्रकूट
Updated Wed, 24 May 2017 10:07 PM IST
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राजस्व अमीन और उसके पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। तीन साल पहले हुई हत्या के मामले में अदालत ने एक पुलिसकर्मी व महिला समेत तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 50-50 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के कर्कापडरिया निवासी रविशंकर पुत्र बृजलाल ने बताया कि 17 मार्च 2014 को उसकी मां माया देवी का स्वास्थ्य खराब होने पर पिता और गांव के फूलचंद्र पुत्र गणेश के साथ टेंपो से इलाज कराने मुख्यालय आ रहा था। ओहन बांध के पास रास्ते में दूसरा टेंपो खड़ा था।
यह देखकर फूलचंद्र नीचे उतरा और उस टेंपो तक जाकर रास्ते से हटाने को कहा लेकिन वह नहीं माना। रवि के अनुसार दूसरे टेपों में सवार लोधनपुरवा चकौंध निवासी लल्लू पुत्र बाबूलाल, कानपुर के मूसानगर अमिलिहा निवासी बलवीर पुत्र देवीप्रसाद और कर्का पडरिया निवासी शकुंतला पत्नी बलबीर ने फूलचंद्र को पकड़ लिया और तमंचे से उसके पेट में गोली मार दी।
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इसके बाद सभी आरोपी भाग निकले। इलाज के दौरान फूलचंद्र की मौत हो गई थी। इसी मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बुधवार को मुख्यालय स्थित अपर सत्र न्यायाधीश अनुरोध मिश्रा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नामजदों को दोषी मानते हुए तीनों को आजीवन कारावास और 50-50 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। तीनों को बांदा जेल भेजा गया है।
इनसेट
मऊ थाने में सिपाही था आरोपी
चित्रकूट। पूरे मामले में हत्यारोपी बलबीर मऊ थाने में सिपाही पद पर था। इसके पूर्व वह बहिलपुरवा थाने में भी तैनात रहा। इस घटना के बाद से उसे लाइन हाजिर कर पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया था। अब वह रिटायर्ड है। जानकारी के अनुसार इसी सिपाही का शादी को लेकर दो परिवार के बीच विवाद का भी मामला था।
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चित्रकूट। तीन साल पहले हुई हत्या के मामले में अदालत ने एक पुलिसकर्मी व महिला समेत तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 50-50 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के कर्कापडरिया निवासी रविशंकर पुत्र बृजलाल ने बताया कि 17 मार्च 2014 को उसकी मां माया देवी का स्वास्थ्य खराब होने पर पिता और गांव के फूलचंद्र पुत्र गणेश के साथ टेंपो से इलाज कराने मुख्यालय आ रहा था। ओहन बांध के पास रास्ते में दूसरा टेंपो खड़ा था।
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यह देखकर फूलचंद्र नीचे उतरा और उस टेंपो तक जाकर रास्ते से हटाने को कहा लेकिन वह नहीं माना। रवि के अनुसार दूसरे टेपों में सवार लोधनपुरवा चकौंध निवासी लल्लू पुत्र बाबूलाल, कानपुर के मूसानगर अमिलिहा निवासी बलवीर पुत्र देवीप्रसाद और कर्का पडरिया निवासी शकुंतला पत्नी बलबीर ने फूलचंद्र को पकड़ लिया और तमंचे से उसके पेट में गोली मार दी।
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इसके बाद सभी आरोपी भाग निकले। इलाज के दौरान फूलचंद्र की मौत हो गई थी। इसी मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बुधवार को मुख्यालय स्थित अपर सत्र न्यायाधीश अनुरोध मिश्रा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नामजदों को दोषी मानते हुए तीनों को आजीवन कारावास और 50-50 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। तीनों को बांदा जेल भेजा गया है।
इनसेट
मऊ थाने में सिपाही था आरोपी
चित्रकूट। पूरे मामले में हत्यारोपी बलबीर मऊ थाने में सिपाही पद पर था। इसके पूर्व वह बहिलपुरवा थाने में भी तैनात रहा। इस घटना के बाद से उसे लाइन हाजिर कर पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया था। अब वह रिटायर्ड है। जानकारी के अनुसार इसी सिपाही का शादी को लेकर दो परिवार के बीच विवाद का भी मामला था।