फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   When will the revenge of the martyrdom of Druga Delhi!

कब पूरा होगा दिल्ली के दरोगा की शहादत का बदला!

Wed, 13 Sep 2017 11:03 PM IST
चित्रकूट
चित्रकूट Updated Wed, 13 Sep 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
When will the revenge of the martyrdom of Druga Delhi!
एसटीएफ से मुठभेड़ 3 - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गोरखपुर

विज्ञापन
चित्रकूट। डाकुओं से मुठभेड़ में दरोगा जेपी सिंह की शहादत से बौखलाई पुलिस भले ही सरगना बबुली और लवलेश कोल को न मार पाई हो लेकिन उस गिरोह का ‘मैन और फायर पावर’ तहस-नहस कर एक इनामी डाकू शारदा कोल को मार गिराया है। सवाल उठता है कि आखिर दिल्ली के दरोगा भगवान शर्मा की शहादत का बदला सवा लाख के इनामी दस्यु सरगना गौरी यादव से कब लिया जाएगा? लंबे समय से पाठा में दहशत फैलाए गौरी यादव गिरोह से पुलिस-एसटीएफ के बीच मुठभेड़ नहीं हुई है।

गौरतलब हो कि वर्ष 2007 में दस साथियों सहित ददुआ के मारे जाने और उसके नायब राधे का साथियों सहित मप्र में सरेंडर कर देने के पहले तक गौरी यादव पूर्व दस्यु सरगना मुन्नीलाल यादव उर्फ  खड़ग सिंह के गैंग में खास  था। हालांकि आठ साल पहले खड़ग सिंह और गौरी यादव ने एक साथ सरेंडर कर दिया था। बाद मे एक-एक कर खड़ग सिंह और गौरी यादव जमानत पर छूट गए। खड़ग सिंह ने बीहड़ त्याग दिया पर गौरी यादव फिर डाकू बन गया। पुराने नेटवर्क, असलहों आदि के जरिए दोबारा गैंग तैयार कर लिया। इसके बाद ताबड़तोड़ वारदातें कर पाठा मे आतंक मचाना शुरू कर दिया।
विज्ञापन


अपहरण, फिरौती, वसूली और कमीशनबाजी शुरू कर दी। गौरी यादव ने दुस्साहस की बड़ी वारदात तब की जब चोरी के मामले मे तफ्तीश करने दिल्ली से आए दरोगा भगवान शर्मा की बिल्हरी के जंगल में मई 2013 में गोली मार दी थी। इतनी बड़ी वारदात करने के बावजूद अब तक पुलिस-एसटीएफ की गौरी यादव गिरोह से एक भी मुठभेड़ नहीं हुई। जबकि इसी दौरान पुलिस ने तमाम डकैतों को गिरफ्तार किया। कई मारे भी गए पर गौरी से पुलिस का कभी टकराव नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है पुलिस के हत्यारे डकैत
चित्रकूट। डाकू ददुआ को छोड दें तो पाठा में पुलिस कर्मियों को मारने वाले डकैतों की फेरहिस्त लंबी है। इनमें ठोकिया, बलखड़िया और रागिया ने एक साथ मिलकर तमाम पुलिस कर्मियों की हत्या की। 24 अगस्त 2017 को बबुली कोल ने मुठभेड मे दरोगा जेपी सिंह को शहीद कर पुलिस के हत्यारे डकैतों मे अपना नाम शामिल कर लिया। इन सबका लगभग बदला पूरा हो गया है। दिल्ली के दरोगा की हत्या कर गौरी यादव का नाम भी पुलिस के हत्यारे डकैतों मे शुमार है। आखिर दिल्ली के दरोगा की शहादत का पुलिस गौरी यादव से बदला कब लेगी यह तो वक्त ही बताएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed