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बबुली कोल की मदद करने में ग्रामीण को भेजा जेल
अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Mon, 02 Apr 2018 10:22 PM IST
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दस्यु संरक्षण में पकड़ा गया विवेक उर्फ मधुसूदन। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
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बबुली कोल गैंग की मदद करने में विवेक कुमार उर्फ मधुसूदन को पुलिस ने गिरफ्तारी कर जेल भेज दिया। सोमवार मधुसूदन की पत्नी ने एसपी की ओर से दिए प्रशस्ति पत्र दिखाते हुए उसे पुलिस का मददगार बताया है। साथ ही पुलिस पर मधुसूदन को पीटने का भी आरोप लगाया है। इधर, एसपी मनोज झा ने मधुसूदन के पुलिस के मददगार होने की जानकारी से इनकार किया है।
रविवार को मानिकपुर पुलिस ने निही गांव निवासी विवेक कुमार उर्फ मधुसूदन पुत्र रामनिवास को डाकू बबुली कोल गैंग को खाद्य सामग्री पहुंचाने व अन्य मदद करने के आरोप में पकड़कर जेल भेज दिया। बबुली कोल पर साढे़ पांच लाख का इनाम है। सोमवार को विवेक की पत्नी रेखा देवी ने बताया कि उन्हें डकैतों के खिलाफ पुलिस की मदद करने का इनाम मिला है। बताया कि मधुसूदन ने डाकुओं के खिलाफ चलाए अभियान में पुलिस की मदद की है।
इसके बदले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र ने पुलिस प्रशस्ति पत्र भी दिया है। अब उसके पति को फर्जी तरीके से पकड़कर मानिकपुर थाने में रखा गया। वहां उसकी पिटाई की गई और जबरन डाकुओं का मददगार साबित करने के प्रयास में जेल भेज दिया है। इधर, एसपी मनोज कुमार झा ने कहा कि डकैतों की मदद करने में ही विवेक उर्फ मधुसूदन को जेल भेजा गया है। पुलिस का मददगार व मुखबिर होने की जानकारी नहीं है। हो सकता है कि किसी काम के लिए उसे पुलिस प्रशस्ति पत्र मिला हो।
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रविवार को मानिकपुर पुलिस ने निही गांव निवासी विवेक कुमार उर्फ मधुसूदन पुत्र रामनिवास को डाकू बबुली कोल गैंग को खाद्य सामग्री पहुंचाने व अन्य मदद करने के आरोप में पकड़कर जेल भेज दिया। बबुली कोल पर साढे़ पांच लाख का इनाम है। सोमवार को विवेक की पत्नी रेखा देवी ने बताया कि उन्हें डकैतों के खिलाफ पुलिस की मदद करने का इनाम मिला है। बताया कि मधुसूदन ने डाकुओं के खिलाफ चलाए अभियान में पुलिस की मदद की है।
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इसके बदले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र ने पुलिस प्रशस्ति पत्र भी दिया है। अब उसके पति को फर्जी तरीके से पकड़कर मानिकपुर थाने में रखा गया। वहां उसकी पिटाई की गई और जबरन डाकुओं का मददगार साबित करने के प्रयास में जेल भेज दिया है। इधर, एसपी मनोज कुमार झा ने कहा कि डकैतों की मदद करने में ही विवेक उर्फ मधुसूदन को जेल भेजा गया है। पुलिस का मददगार व मुखबिर होने की जानकारी नहीं है। हो सकता है कि किसी काम के लिए उसे पुलिस प्रशस्ति पत्र मिला हो।
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