{"_id":"59246b244f1c1bd33c535dcc","slug":"four-times-in-two-years","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो साल में चार बार टिकरिया स्टेशन पर बोल चुका धावा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दो साल में चार बार टिकरिया स्टेशन पर बोल चुका धावा
चित्रकूट
Updated Tue, 23 May 2017 10:32 PM IST
विज्ञापन
खाली हाथ मायूस होकर लौटी पुलिस टीम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
मानिकपुर(चित्रकूट)। कुख्यात डाकू लगातार निरकुंश होता जा रहा है। इसे पुलिस की ढीली कार्यप्रणाली कहें या डाकू गैंग की बढ़ती ताकत। जिसके कारण तीन महीने की खामोशी के बाद सात लाख के इनामी डाकू ने ताबड़तोड़ घटनाएं करनी शुरू कर दी है।
दो साल के अंदर इस गैंग ने टिकरिया रेलवे स्टेशन और आस पास चार बार हमला कर चुका है। हर बार कई रेल यात्री भी लुट चुके हैं लेकिन हर बार की तरह पुलिस इस गैंग के सदस्यों को पकड़ने में नाकाम रही।
कुख्यात डाकू बलखडिया की मौत के बाद डाकू बबुली कोल ने गैंग की कमान संभालते ही ताबड़तोड़ घटनाएं की हैं। जिसमें कई बार रेलवे स्टेशन पर धावा बोलने का अंदाज उसका अलग रहा है। अभी तक हुए डाकू ददुआ, ठोकिया, रागिया, बलखडिया ने स्टेशन पर निर्दोष यात्रियों को कभी नहीं मारा पीटा और न ही लूट की लेकिन बबुली कोल गैंग ने इस परिपाटी को तोड़ा। टिकरिया स्टेशन पर ही लगभग दो साल में चौथी बार धावा बोला।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार बीते साल 15 जनवरी और 22 मई की सुबह टिकरिया स्टेशन पर धावा बोला था। इसके पूर्व जनवरी 2016 और जून माह में भी धावा बोलकर यात्रियों से लूटपाट की। इतना ही नहीं एक बार तो स्टेशन प्रबंधक के कक्ष में घुसकर कंप्यूटर आदि तोड़कर नगदी लूटने का प्रयास किया था।
टिकरिया स्टेशन ही क्यों
मानिकपुर। डाकू बबुलीकोल डोडा कोलान सोसायटी का निवासी है और यह स्टेशन उसके गांव से कुछ दूरी पर ही है। इस स्टेशन के दो छोर में जंगल का रास्ता है। एक ओर बस्ती है तो दूसरी ओर पुरवा है। जानकारी के अनुसार अक्सर डाकू बबुली व उसके साथी इस क्षेत्र में रहते हैं और क्षेत्र से भलीभांति परिचित हैं।
विज्ञापन
मानिकपुर(चित्रकूट)। कुख्यात डाकू लगातार निरकुंश होता जा रहा है। इसे पुलिस की ढीली कार्यप्रणाली कहें या डाकू गैंग की बढ़ती ताकत। जिसके कारण तीन महीने की खामोशी के बाद सात लाख के इनामी डाकू ने ताबड़तोड़ घटनाएं करनी शुरू कर दी है।
दो साल के अंदर इस गैंग ने टिकरिया रेलवे स्टेशन और आस पास चार बार हमला कर चुका है। हर बार कई रेल यात्री भी लुट चुके हैं लेकिन हर बार की तरह पुलिस इस गैंग के सदस्यों को पकड़ने में नाकाम रही।
विज्ञापन
कुख्यात डाकू बलखडिया की मौत के बाद डाकू बबुली कोल ने गैंग की कमान संभालते ही ताबड़तोड़ घटनाएं की हैं। जिसमें कई बार रेलवे स्टेशन पर धावा बोलने का अंदाज उसका अलग रहा है। अभी तक हुए डाकू ददुआ, ठोकिया, रागिया, बलखडिया ने स्टेशन पर निर्दोष यात्रियों को कभी नहीं मारा पीटा और न ही लूट की लेकिन बबुली कोल गैंग ने इस परिपाटी को तोड़ा। टिकरिया स्टेशन पर ही लगभग दो साल में चौथी बार धावा बोला।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार बीते साल 15 जनवरी और 22 मई की सुबह टिकरिया स्टेशन पर धावा बोला था। इसके पूर्व जनवरी 2016 और जून माह में भी धावा बोलकर यात्रियों से लूटपाट की। इतना ही नहीं एक बार तो स्टेशन प्रबंधक के कक्ष में घुसकर कंप्यूटर आदि तोड़कर नगदी लूटने का प्रयास किया था।
टिकरिया स्टेशन ही क्यों
मानिकपुर। डाकू बबुलीकोल डोडा कोलान सोसायटी का निवासी है और यह स्टेशन उसके गांव से कुछ दूरी पर ही है। इस स्टेशन के दो छोर में जंगल का रास्ता है। एक ओर बस्ती है तो दूसरी ओर पुरवा है। जानकारी के अनुसार अक्सर डाकू बबुली व उसके साथी इस क्षेत्र में रहते हैं और क्षेत्र से भलीभांति परिचित हैं।