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थानाप्रभारी पर जानलेवा हमला करने वाले सिपाही को पांच साल की सजा
Wed, 20 Mar 2019 12:21 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
chitrakoot
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Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 20 Mar 2019 12:21 AM IST
सार
जीआरपी मानिकपुर का सन 2011 का मामला
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court
विस्तार
चित्रकूट। थानाप्रभारी पर जानलेवा हमला करने वाले जीआरपी के सिपाही को अपर जिला जज ने पांच वर्ष कठोर कारावास की सजा व दस हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।
अभियोजन अधिकारी श्रीराम यादव ने बताया कि जीआरपी मानिकपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी कृष्णवीर सिंह ने मानिकपुर जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 14 जनवरी 2011 को जीआरपी थाने के मुख्य द्वार के सामने पुराना मानिकपुर के निवासी राजू तिवारी से वार्ता कर रहे थे। इस दौरान मानिकपुर जीआरपी थाने में तैनात कांस्टेबल राजेश सिंह उसके पास आया और मां बहन की गाली देते हुए अचानक चाकू से उसके सीने से वार करके घायल कर दिया। पीछे हटने के बावजूद राजेश सिंह ने उस पर चाकू के कई वार किये। इस दौरान मौके पर मौजूद राजू तिवारी, एसआई घनश्याम मिश्रा, हेड कांस्टेबल अब्दुल रहमान और कार्यालय के अन्य कर्मचारियों द्वारा बीच बचाव करने पर उसकी जान बच सकी। इस दौरान कांस्टेबल राजेश सिंह ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जीआरपी ने इस मामले में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। अपर जिला जज कुसुमलता ने बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त राजेश सिंह को पांच वर्ष के कठोर कारावास एवं दस हजार रुपये के अर्थदंड सकी सजा सुनायी है। जुर्माने की आधी धनराशि वादी मुकदमा कृष्णवीर सिंह को देने के आदेश दिए गये हैं।
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अभियोजन अधिकारी श्रीराम यादव ने बताया कि जीआरपी मानिकपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी कृष्णवीर सिंह ने मानिकपुर जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 14 जनवरी 2011 को जीआरपी थाने के मुख्य द्वार के सामने पुराना मानिकपुर के निवासी राजू तिवारी से वार्ता कर रहे थे। इस दौरान मानिकपुर जीआरपी थाने में तैनात कांस्टेबल राजेश सिंह उसके पास आया और मां बहन की गाली देते हुए अचानक चाकू से उसके सीने से वार करके घायल कर दिया। पीछे हटने के बावजूद राजेश सिंह ने उस पर चाकू के कई वार किये। इस दौरान मौके पर मौजूद राजू तिवारी, एसआई घनश्याम मिश्रा, हेड कांस्टेबल अब्दुल रहमान और कार्यालय के अन्य कर्मचारियों द्वारा बीच बचाव करने पर उसकी जान बच सकी। इस दौरान कांस्टेबल राजेश सिंह ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
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रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जीआरपी ने इस मामले में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। अपर जिला जज कुसुमलता ने बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त राजेश सिंह को पांच वर्ष के कठोर कारावास एवं दस हजार रुपये के अर्थदंड सकी सजा सुनायी है। जुर्माने की आधी धनराशि वादी मुकदमा कृष्णवीर सिंह को देने के आदेश दिए गये हैं।
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जीआरपी मानिकपुर का सन 2011 का मामला