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पांच घंटे तक चली गोली, बच निकला डाकू गोप्पा
चित्रकूट
Updated Tue, 18 Jul 2017 10:50 PM IST
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ऑपरेशन प्रहार, File Picture
- फोटो : Amar Ujala
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। एक लाख पांच हजार के इनामी डाकू गोप्पा के गैंग और पुलिस के बीच महुलिया जंगल में मंगलवार को मुठभेड हुई। दोनोें तरफ से करीब पांच घंटे फायरिंग होती रही, लेकिन गैंग भाग निकला। पुलिस के हाथ सिर्फ 20 खोखे लगे हैं।
रैपुरा थाना क्षेत्र के महुलिया गांव के पास डाकू गोप्पा गैंग की मौजूदगी की सूचना पर मंगलवार तड़के करीब साढ़े पांच बजे पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस के आते ही डकैतों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। करीब पांच घंटे तक रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। इस दौरान ग्रामीण दरवाजे बंद कर घरों में दुबके रहे। कुछ देर बाद एसपी प्रताप गोपेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने गांव के अंदर से घुस कर डकैतों को तीन तरफ से घेर लिया। खुद को घिरा देख डकैत फायरिंग करते हुए जंगल में भाग निकले। मुठभेड़ में रैपुरा थानाध्यक्ष अंगद प्रताप सिंह, राजापुर थानाध्यक्ष सत्यपाल सिंह और एंटी डकैती टीम प्रभारी फिरोज खान के नेतृत्व में तीन टीमें शामिल थीं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पांच घंटे की मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से 80 राउंड फायरिंग हुई है। मुठभेड़ स्थल से लगभग बीस खोखे बरामद किए गए हैं।
किसी के घर आया था गैंग
भौंरी(ब्यूरो)। आखिर डाकू गोप्पा गैंग महुलिया गांव के अंदर जा रहा था तो सवाल यह है कि किसके घर जा रहा था। कहीं कोई बड़ी घटना को अंजाम को देने की योजना तो नहीं थी जो पुलिस के पहुंचने से टल गई। इस संबध में एसपी प्रताप गोपेंद्र सिंह ने बताया कि इसकी पूछताछ की जा रही है। कुछ ग्रामीणों से बातचीत की गई है। यह भी संभावना है कि गांव में ही किसी ग्रामीण के गैंग से संबध हों और गैंग उसी के घर जा रहा था।
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चित्रकूट। एक लाख पांच हजार के इनामी डाकू गोप्पा के गैंग और पुलिस के बीच महुलिया जंगल में मंगलवार को मुठभेड हुई। दोनोें तरफ से करीब पांच घंटे फायरिंग होती रही, लेकिन गैंग भाग निकला। पुलिस के हाथ सिर्फ 20 खोखे लगे हैं।
रैपुरा थाना क्षेत्र के महुलिया गांव के पास डाकू गोप्पा गैंग की मौजूदगी की सूचना पर मंगलवार तड़के करीब साढ़े पांच बजे पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस के आते ही डकैतों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। करीब पांच घंटे तक रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। इस दौरान ग्रामीण दरवाजे बंद कर घरों में दुबके रहे। कुछ देर बाद एसपी प्रताप गोपेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने गांव के अंदर से घुस कर डकैतों को तीन तरफ से घेर लिया। खुद को घिरा देख डकैत फायरिंग करते हुए जंगल में भाग निकले। मुठभेड़ में रैपुरा थानाध्यक्ष अंगद प्रताप सिंह, राजापुर थानाध्यक्ष सत्यपाल सिंह और एंटी डकैती टीम प्रभारी फिरोज खान के नेतृत्व में तीन टीमें शामिल थीं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पांच घंटे की मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से 80 राउंड फायरिंग हुई है। मुठभेड़ स्थल से लगभग बीस खोखे बरामद किए गए हैं।
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किसी के घर आया था गैंग
भौंरी(ब्यूरो)। आखिर डाकू गोप्पा गैंग महुलिया गांव के अंदर जा रहा था तो सवाल यह है कि किसके घर जा रहा था। कहीं कोई बड़ी घटना को अंजाम को देने की योजना तो नहीं थी जो पुलिस के पहुंचने से टल गई। इस संबध में एसपी प्रताप गोपेंद्र सिंह ने बताया कि इसकी पूछताछ की जा रही है। कुछ ग्रामीणों से बातचीत की गई है। यह भी संभावना है कि गांव में ही किसी ग्रामीण के गैंग से संबध हों और गैंग उसी के घर जा रहा था।
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