फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Filled in sacks, two brothers kept at Atra, two days

बोरों में भरकर लाए जुड़वां भाई, अतर्रा में दो दिन रखा

Tue, 26 Feb 2019 11:05 PM IST
akhilesh अखिलेश यादव बोरों में भरकर लाए जुड़वां भाई, अतर्रा में दो दिन रखा
बोरों में भरकर लाए जुड़वां भाई, अतर्रा में दो दिन रखा Published by: akhilesh अखिलेश यादव Updated Tue, 26 Feb 2019 11:05 PM IST
विज्ञापन
Filled in sacks, two brothers kept at Atra, two days
force - फोटो : Amarujala

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अतर्रा (बांदा)/चित्रकूट। मध्यप्रदेश की सतना पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को दो दिन की रिमांड पर लेने के बाद गहन पूछताछ की तो जुड़वां बच्चों के अपहरण से लेकर  उनकी हत्या करने तक की परतें खुलने लगी हैं। पूछताछ के बाद चित्रकूट से अपहृत मासूम जुड़वां भाइयों के हत्यारोपियों ने कई खुलासे भी किए हैं। हत्या के मुख्य आरोपी और पूरे मामले के मास्टर माइंड ने पुलिस को बताया कि अतर्रा नगर में 20 हजार रुपये के किराये का मकान लिया और इसी मकान में दो दिन तक दोनों मासूमों को रखा गया। जिस जगह पर मकान किराये पर लिया गया, वह भाजपा नगर कार्यालय के ठीक बगल में था। दो सूबों की एटीएस और तीन जिलों की पुलिस को चकमा देने वाले अपहरणकर्ता दोनों बच्चों को अतर्रा में एक बोलेरो में बोरे में भरकर लाए थे। उधर, सतना एसपी संतोष गौर ने बताया कि आरोपियों को मंगलवार को दो दिन की रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश कर तीन दिन की और रिमांड मांगी गई, जिसको कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। अब तीन दिनों तक और भी पूछताछ कर अपहरण से लेकर हत्या तक की कड़ी से कड़ी खोजी जाएगी।
मंगलवार की सुबह नौ बजे मध्यप्रदेश की सतना पुलिस ने रिमांड पर लिए गए मास्टर माइंड समेत अन्य अपहरणकर्ताओं को अतर्रा लाई और नेशनल हाईवे स्थित बदौसा रोड पर स्थित उस मकान में छापा मारा, जहां बच्चों को दो दिन तक रखा गया था। पुलिस ने अपहरणकर्ताओं की निशानदेही पर कमरे से दोनों बच्चों की स्कूल टाई समेत कुछ सामान भी बरामद किया है। जिस मकान में छापा मारा गया वह भाजपा नगर अध्यक्ष कार्यालय के बगल में है। पुलिस द्वारा बच्चों के अपहरणकर्ताओं को लाने की भनक लगते ही भारी संख्या में वहां लोगों की भीड़ भी लग गई। पुलिस ने पहली मंजिल में स्थित कमरे की तलाशी ली। यहां से जुड़वां भाइयों की स्कूली टाई, शराब की बोतलें, बीड़ी-माचिस और कुछ खाने-पीने का सामान बरामद हुआ। मकान मालिक ने बताया कि आरोपी पद्म शुक्ला ने उससे यह कहकर मकान किराए पर लिया था कि वह गांव के रहने वाले हैं। अपने दो बच्चों को इलाज के लिए यहां लाए हैं। आरोपियों ने अपहरण के बाद दोनों बच्चों को पहले दो दिन चित्रकूट में और उसके बाद अगले दो दिन यहां अतर्रा में रखा।
विज्ञापन

पुलिस के साथ मौजूद दूसरा आरोपी आलोक तोमर यहां बिसंडा रोड पर किराए का कमरा लिए हुए हैं। वह इसमें अक्सर आता-जाता रहता था। छापा मारने वाली मध्यप्रदेश की सतना पुलिस टीम के प्रभारी अजय सिंह पंवार ने बताया कि आरोपियों को दिन के रिमांड पर लिया गया है। उन्हीं की निशानदेही पर अतर्रा में यह छापा मारा गया है। अभियुक्तों ने स्वीकारा था कि अपहृत दोनों बच्चों प्रियांश व श्रेयांश को वह यहां दो दिन रखे रहे। एमपी पुलिस बरामद हुई बच्चों की टाई व अन्य सामान अपने कब्जे में लेकर अभियुक्तों समेत वापस रवाना हो गई। उधर, जिस मकान में अपहृत बच्चों को रखा गया था, उसके नजदीक में भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक भी है, जहां पुलिस की ड्यूटी रहती है। कुछ ही दूरी पर हाईवे पर ही थाना है। अपहरण के फौरन बाद दोनों राज्यों की एसटीएफ और तीन जिलों की पुलिस की रात-दिन छापामारी और सुरागरसी के बाद भी दो दिन तक यहां रखे गए बच्चों की भनक पाने में पुलिस पूरी तरह नाकाम रही। अपहरणकर्ता दोनों बच्चों को बोरों में भरकर बोलेरो में लाए थे। दोनों दिन अपहरणकर्ता भी बच्चों के साथ इसी मकान में रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सतना पुलिस ने अतर्रा पुलिस को रखा दूर
आरोपियों को लेकर यहां दबिश देने आई मध्य प्रदेश की सतना पुलिस ने स्थानीय अतर्रा थाना पुलिस को कोई सूचना नहीं दी। न ही उनकी मदद ली। यहां तक कि पुलिस के छापे के बाद वहां इकट्ठा हुए हुजूम की खबर पाकर अतर्रा थाने के एसएसआई मौके पर पहुंचे तो सतना पुलिस ने उन्हें भी वापस कर दिया। उधर, इस बाबत अतर्रा थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि एमपी पुलिस ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी।

अपहरणकर्ताओं को बचाने में पुलिस को छूटे पसीने
दबिश देने आई मध्यप्रदेश की सतना पुलिस को अपने साथ लाए गए बच्चों के अपहरणकर्ताओं को भीड़ से बचाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। वहां उपस्थित हुजूम आरोपियों को अपने कब्जे में लेना चाहता था। इसके लिए पुलिस से धक्कामुक्की भी की गई। पुलिस ने कड़ा सुरक्षा घेरा बनाकर किसी तरह उन्हें बचाया और वाहन पर बैठाकर वापस ले गई।

जुड़वां भाइयों की हत्या की मजिस्ट्रियल जांच शुरू
चित्रकूट। तेल उद्यमी के जुड़वां बेटों की हत्या के तीन दिन बाद भी चित्रकूट क्षेत्र में शोक व भय का माहौल बना रहा। बाजार व स्कूल तो पूरी तरह खुल गए लेकिन सदगुरु पब्लिक स्कूल व जानकीकुंड अस्पताल मंगलवार को भी बंद रहे। सदगुरु पब्लिक स्कूल के अलावा जानकीकुंड अस्पताल बंद होने से मरीजों को परेशानी होने लगी है। सतना डीएम सतेंद्र सिंह ने बताया कि संयुक्त कलेक्टर अमर बहादुर सिंह मामले की मजिस्ट्रियल जांच करेंगे। पुलिस की लापरवाही की बात मानने के बाद रींवा आईजी चंचल शेखर ने डीएसपी वीडी पांडेय के नेतृत्व में स्पेशल जांच टीम का गठन किया है। वहीं सतना जिले के डीएम ने मामले की जांच के मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए और आईजी रींवा ने स्पेशल टीम का गठन कर दिया है।

अस्थि कलश से लिपट कर रोये पिता
खोही। मंगलवार की सुबह मासूम बच्चों के अस्थि कलश से लिपट कर पिता बृजेश रावत दहाड़े मारकर रोने लगे। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन रहा। हर ओर गम और रोष लोगों में देखा गया। प्रयागराज में पिता ने नम आंखों से अस्थियों का विसर्जन कर दिया। वहीं मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चित्रकूट की इस घटना पर गहरा शोक जताकर पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने गृहमंत्री व डीजीपी को सतना एसपी से लेकर अन्य टीम के कार्य की रिपोर्ट मांगी है।

पुलिस ने पकड़ी बाइक तो मिली थी धमकी
चित्रकूट। अपहरण के बाद से आरोपियों की तलाश के दौरान 14 फरवरी को नयागांव क्षेत्र में पुलिस ने मास्टर माइंड पद्म शुक्ला के पिता रामकरण शास्त्री की बाइक पकड़ कर उसमें लिखे रामराज्य की जगह नंबर लिखने को कहा था। सिपाही शिवप्रसाद ने बताया कि बाबा एकदम भड़क गए थे और कहा कि अभी उन्हें जानते नहीं हो एक दिन में नौकरी ले लूंगा। चालान मत करो वह बाहर जाकर इसे मिटाकर नंबर लिखवाएंगे।

गुलाबी गैंग कमांडर ने सौंपा पत्र
खोही। मप्र प्रभारी मंत्री की सूचना पर गुलाबी गैंग कमांडर संपत पाल समेत अन्य महिला नेत्री एकत्र हो गए। प्रभारी मंत्री को सौंपे पत्र में कहा कि बच्चों की नृशंस हत्या के मामले में सीबीआई जांच कराएं। दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की है। इस दौरान पुष्पा सिंह, आशा मिश्रा, केसरिया देवी, रामकली, गुड्डन देवी, गीता सिंह, रामा सिंह, रिंकी देवी आदि मौजूद रहीं।

सभी हत्यारोपी ग्रामोदय विवि से ही संबंधित
चित्रकूट। जुड़वां भाइयों प्रियांश व श्रेयांश की हत्या के सभी 6 आरोपी महात्मा गांधी विवि के ही छात्र हैं। कुलसचिव डा. बी भारती ने बताया कि राजू द्विवेदी एमएससी कृषि द्वितीय सेमेस्टर, अपूर्व यादव उर्फ पिंटू उर्फ पिंटा एमएससी कृषि बायो केमेस्ट्री द्वितीय, विक्रम सिंह बीटेक आईटी पूर्व छात्र, पद्मकांत शुक्ला बीटेक आईटी, रामकेश यादव बीएड पूर्व छात्र व आलोक सिंह तोमर भी विवि के छात्र हैं। जिनको निलंबित कर दिया गया है। इनको काली सूची में डाल दिया गया है। इसके अलावा इन सभी का परिसर में प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। किसी भी प्रकार का प्रमाण पत्र जारी करने में रोक लगा दी गई है। विवि के किसी भी पाठ्यक्रम एवं गतिविधियों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

आवास खाली कराने के निर्देश
बच्चों की हत्या मामले मेें महात्मा गांधी ग्रामोदय विवि कर्मी सुनीता सिंह को आवंटित आवास को खाली कराने के निर्देश दिए गए हैं। विवि कु लसचिव डा. बी भारती ने बताया कि जुड़वां भाइयों की हत्या में शामिल छात्र विक्रम जीत सिंह विवि कर्मी सुनीता सिंह के यहां रहता था। जिससे यह कार्रवाई की गई है। आरोपी महिला कर्मचारी का भाई है। इस महिला के पति भी इसी विवि में कार्यरत हैं। जांच के बाद इस दंपति पर भी कार्रवाई हो सकती है।


मास्टर माइंड का पिता भी ग्रामोदय विवि का छात्र
अपहरण से लेकर हत्या मामले में मास्टर माइंड पदमकांत शुक्ला के पिता रघुवीर मंदिर जानकीकुंड के पुजारी व संस्कृत महाविद्यालय के शिक्षक रामकरण शास्त्री भी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से संस्कृत विषय पर पीएचडी कर रहे हैं। जिनके खिलाफ पहले भी रेप व दबंगई के कुछ मामले सामने आए थे। इस मामले में विवि के कुलसचिव ने बताया कि इसकी जानकारी विभाग से की जा रही है। यदि यह सही है तो उनको विवि से अलग किया जाएगा।


 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed