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48 घंटे के अंदर डाकुओं को पकड़ने का दावा
चित्रकूट
Updated Sun, 14 May 2017 11:05 PM IST
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किसान से बात करते रेलवे एवं पुलिस विभाग के अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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चित्रकूट। रविवार को सुबह से शाम तक पुलिस टीमें मऊ, रैपुरा से लेकर भरतकूप के जंगलों में डाकू गोप्पा और डाकू मामा पटेल की मौजूदगी की सूचना पर काबिंग करती रही। पुलिस का दावा है कि दो दिन के अंदर सफलता जरूर मिलेगी। पुलिस से डाकुओं की आंख मिचौली चल रही है।
वह जंगलों में भाग रहे हैं जैसे ही निशाने पर आए तो मार गिराया जाएगा।
रामनगर से लेकर पहाड़ी और तराई क्षेत्र में डाकू गोप्पा गैंग की मौजूदगी की संभावना पर मऊ एसओ उपेेंद्र सिंह, रैपुरा एसओ मनोज मिश्रा, एंटी डकैती टीम प्रभारी साजिद खान के साथ भारी पुलिस बल लगातार जंगलों के आस पास कांबिंग कर रही है। सीओ मऊ भानुप्रकाश ने बताया कि डकैतों की तलाश की जा रही है।
लगातार मुखबिरों से लेकर अन्य सूत्रों से पुलिस तलाश कर रही है। उधर भरतकूप चौकी प्रभारी सुजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम कोल्हुआ, मानपुर व अनुसूईया जंगल के आसपास मारे गए डाकू राजू ठाकुर गैंग के बचे सदस्यों की तलाश में कांबिंग कर रही है।
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मप्र सीमा से सटे जंगली क्षेत्र में इन सदस्यों की मौजूदगी की सूचना पर घेराबंदी की गई लेकिन दोपहर को कुछ नहीं मिला है। विभागीय अधिकारियों ने दावा किया है कि दो दिन के अंदर इन डाकूओं को मार गिराया जाएगा अथवा जिंदा दबोचा जाएगा।
चौकी प्रभारी ने किया था कन्यादान
भरतकूप। चौकी क्षेत्र के भगवतपुर गांव में इनामी डाकू राजू ठाकुर के मारे जाने के बाद से सुरक्षा के लिए पुलिस बल तो तैनात है लेकिन कुछ ग्रामीणों के चेहरे में भय दिखता है। कई ग्रामीण आशंकित हैं कि बचे डाकू सरगना की मौत का बदला लेने के लिए हमला न कर दें।
गौरतलब है कि इसी गांव में बरात के दौरान बरातियों व घरातियों को पीटने व गोली चलाने से क्षुब्ध होकर ग्रामीणों ने राजू ठाकुर को घेरकर मार डाला था। जिस घर में बारात आई थी वह गृहस्वामी रामचरण सोनकर ने बताया कि उन्हें तो डर नहीं है क्योंकि पुलिस बराबर सहयोग कर रही है।
सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात है और नियमित गश्त जारी है। अब बचे डाकू इस गांव में नहीं आएंगे। गौरतलब है कि शादी के दिन तो यही परिवार सबसे ज्यादा भयभीत था। यहां तक कि शादी रोकने को तैयार था लेकिन पुलिस सुरक्षा में शादी कराई गई थी। दुल्हन के पिता ने भयवश कन्यादान भी नहीं लिया था तो भरतकूप चौकी प्रभारी सुजीत कुमार ने कन्यादान लेकर बारात विदा कराई थी।
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वह जंगलों में भाग रहे हैं जैसे ही निशाने पर आए तो मार गिराया जाएगा।
रामनगर से लेकर पहाड़ी और तराई क्षेत्र में डाकू गोप्पा गैंग की मौजूदगी की संभावना पर मऊ एसओ उपेेंद्र सिंह, रैपुरा एसओ मनोज मिश्रा, एंटी डकैती टीम प्रभारी साजिद खान के साथ भारी पुलिस बल लगातार जंगलों के आस पास कांबिंग कर रही है। सीओ मऊ भानुप्रकाश ने बताया कि डकैतों की तलाश की जा रही है।
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लगातार मुखबिरों से लेकर अन्य सूत्रों से पुलिस तलाश कर रही है। उधर भरतकूप चौकी प्रभारी सुजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम कोल्हुआ, मानपुर व अनुसूईया जंगल के आसपास मारे गए डाकू राजू ठाकुर गैंग के बचे सदस्यों की तलाश में कांबिंग कर रही है।
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मप्र सीमा से सटे जंगली क्षेत्र में इन सदस्यों की मौजूदगी की सूचना पर घेराबंदी की गई लेकिन दोपहर को कुछ नहीं मिला है। विभागीय अधिकारियों ने दावा किया है कि दो दिन के अंदर इन डाकूओं को मार गिराया जाएगा अथवा जिंदा दबोचा जाएगा।
चौकी प्रभारी ने किया था कन्यादान
भरतकूप। चौकी क्षेत्र के भगवतपुर गांव में इनामी डाकू राजू ठाकुर के मारे जाने के बाद से सुरक्षा के लिए पुलिस बल तो तैनात है लेकिन कुछ ग्रामीणों के चेहरे में भय दिखता है। कई ग्रामीण आशंकित हैं कि बचे डाकू सरगना की मौत का बदला लेने के लिए हमला न कर दें।
गौरतलब है कि इसी गांव में बरात के दौरान बरातियों व घरातियों को पीटने व गोली चलाने से क्षुब्ध होकर ग्रामीणों ने राजू ठाकुर को घेरकर मार डाला था। जिस घर में बारात आई थी वह गृहस्वामी रामचरण सोनकर ने बताया कि उन्हें तो डर नहीं है क्योंकि पुलिस बराबर सहयोग कर रही है।
सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात है और नियमित गश्त जारी है। अब बचे डाकू इस गांव में नहीं आएंगे। गौरतलब है कि शादी के दिन तो यही परिवार सबसे ज्यादा भयभीत था। यहां तक कि शादी रोकने को तैयार था लेकिन पुलिस सुरक्षा में शादी कराई गई थी। दुल्हन के पिता ने भयवश कन्यादान भी नहीं लिया था तो भरतकूप चौकी प्रभारी सुजीत कुमार ने कन्यादान लेकर बारात विदा कराई थी।