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साक्षरता दर बढ़ाने को हुई थी प्रेरकों की नियुक्ति
चित्रकूट
Updated Sat, 15 Jul 2017 11:19 PM IST
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डेमो
- फोटो : demo pic
चित्रकूट। (ब्यूरो)। जिले में साक्षरता दर बढ़ाने और निरक्षरों को स्कूल तक पहुंचा कर साक्षर करने के लिए शासन ने प्रेरकों की नियुक्ति की है। जिले में 660 प्रेरक हैं। जिन्हें डेढ़ साल से मानदेय नहीं मिला है।
जिले की 330 ग्राम पंचायतों में अनपढ़ और वरिष्ठ नागरिकों को साक्षर बनाने केे लिए केंद्र सरकार ने सर्वशिक्षा अभियान के तहत प्रेरकों की नियुक्ति कराई है। एक ग्राम पंचायत में दो प्रेरक नियुक्ति हैं। नियमानुसार प्रति प्रेरक को दो हजार मानदेय प्रतिमाह दिया जाता है। जून माह में प्रेरक अपने-अपने गांव के लोगों की परीक्षा सरकार स्कूल में कराते हैं। यह अलग बात है कि जिले में साक्षरता के लिए नियुक्त प्रेरकों को लगभग डेढ़ साल से मानदेय नहीं मिला है। इस संबंध में जिला प्रभारी संतोष पांडेय ने बताया कि मानदेय का भुगतान नहीं होने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है।
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जिले की 330 ग्राम पंचायतों में अनपढ़ और वरिष्ठ नागरिकों को साक्षर बनाने केे लिए केंद्र सरकार ने सर्वशिक्षा अभियान के तहत प्रेरकों की नियुक्ति कराई है। एक ग्राम पंचायत में दो प्रेरक नियुक्ति हैं। नियमानुसार प्रति प्रेरक को दो हजार मानदेय प्रतिमाह दिया जाता है। जून माह में प्रेरक अपने-अपने गांव के लोगों की परीक्षा सरकार स्कूल में कराते हैं। यह अलग बात है कि जिले में साक्षरता के लिए नियुक्त प्रेरकों को लगभग डेढ़ साल से मानदेय नहीं मिला है। इस संबंध में जिला प्रभारी संतोष पांडेय ने बताया कि मानदेय का भुगतान नहीं होने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है।
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