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आखिर कौन ले गया फूफा और भतीजे को
अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Fri, 16 Mar 2018 11:22 PM IST
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जिले के सीमावर्ती धारकुंडी मप्र थानाक्षेत्र के कजरा गांव से खेत के पास सो रहे फूफा-भतीजे के लापता होने पर अफवाहों का बाजार गर्म रहा। परिजनों ने पहले एसटीएफ फिर पुलिस पर शक जताया। वहीं सतना मप्र व चित्रकूट उप्र के पुलिस अधिकारियों को ने दोनों को पकड़ने की पुष्टि नहीं की है। इधर, क्षेत्र के कई ग्रामीणों ने बताया कि फूफा और भतीजे पर डाकू बबुली कोल गैंग की मदद करने के आरोप लगा रहे थे।
मानिकपुर(चित्रकूट) से सटे धारकुंडी आश्रम के पास कजरा निवासी कोल्ला कोल ने बताया कि उसका पुत्र दिनेश कोल अपने भतीजे रामरूप कोल के साथ गांव से कुछ दूर पर तुरकहा पुरवा में खेत की रखवाली कर रहे थे। शुक्रवार सुबह वह खेत के पास पहुंचा तो दोनों लापता थे। आसपास के लोगों से जानकारी ली तो दबी जुबान ने बताया गया कि अज्ञात आधा दर्जन लोग रात को आए थे और डाकू बबुली कोल गैंग की मदद करने का आरोप लगा रहे थे। काफी देर तक बातचीत के बाद वहीं लोग दोनों को साथ ले गए हैं। इतना सुनते ही कोल्ला कोल ने धारकुंडी थानाध्यक्ष एएल पटेल को जानकारी दी।
थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। थाने से कोई सिपाही गांव नहीं गया था। इसके बाद सतना पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगडकर को सूचना दी गई तो उन्होंने भी अनभिज्ञता जताई। इस मामले में चित्रकूट एसपी प्रताप गोपेंद्र ने बताया कि उनकी कोई टीम इस गांव नहीं गई थी और न ही किसी को अभी पकड़ा गया है।
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इधर, लापता फूफा-भतीजे की खोज में जुटे परिजनों ने एसटीएफ पर शक जताया है लेकिन इसकी भी पुष्टि नहीं हो सकी है। एसटीएफ टीम के जिले में आने की सूचना पर भी सतना व चित्रकूट के एसपी ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है। फिलहाल दोनों लापता फूफा और भतीजे का अभी तक कुछ पता नहीं चला है। परिजनों ने डाकू बबुली कोल गैंग से संबंध के सवाल पर कहा कि ऐसी कोई जानकारी उन्हें नहीं है।
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मानिकपुर(चित्रकूट) से सटे धारकुंडी आश्रम के पास कजरा निवासी कोल्ला कोल ने बताया कि उसका पुत्र दिनेश कोल अपने भतीजे रामरूप कोल के साथ गांव से कुछ दूर पर तुरकहा पुरवा में खेत की रखवाली कर रहे थे। शुक्रवार सुबह वह खेत के पास पहुंचा तो दोनों लापता थे। आसपास के लोगों से जानकारी ली तो दबी जुबान ने बताया गया कि अज्ञात आधा दर्जन लोग रात को आए थे और डाकू बबुली कोल गैंग की मदद करने का आरोप लगा रहे थे। काफी देर तक बातचीत के बाद वहीं लोग दोनों को साथ ले गए हैं। इतना सुनते ही कोल्ला कोल ने धारकुंडी थानाध्यक्ष एएल पटेल को जानकारी दी।
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थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। थाने से कोई सिपाही गांव नहीं गया था। इसके बाद सतना पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगडकर को सूचना दी गई तो उन्होंने भी अनभिज्ञता जताई। इस मामले में चित्रकूट एसपी प्रताप गोपेंद्र ने बताया कि उनकी कोई टीम इस गांव नहीं गई थी और न ही किसी को अभी पकड़ा गया है।
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इधर, लापता फूफा-भतीजे की खोज में जुटे परिजनों ने एसटीएफ पर शक जताया है लेकिन इसकी भी पुष्टि नहीं हो सकी है। एसटीएफ टीम के जिले में आने की सूचना पर भी सतना व चित्रकूट के एसपी ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है। फिलहाल दोनों लापता फूफा और भतीजे का अभी तक कुछ पता नहीं चला है। परिजनों ने डाकू बबुली कोल गैंग से संबंध के सवाल पर कहा कि ऐसी कोई जानकारी उन्हें नहीं है।