{"_id":"59441a304f1c1b4f568b4681","slug":"91497635376-chitrakoot-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो दिन लगातार डाकू बबुली गैंग का नागर में था डेरा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दो दिन लगातार डाकू बबुली गैंग का नागर में था डेरा
Updated Fri, 16 Jun 2017 11:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो दिन डाकू बबुली गैंग का नागर में था डेरा
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। पांच लाख तीस हजार के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग को जमीदोंज करने का संकल्प लेकर काम कर रही पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए हर तरह के दबाव बनाए जा रहे हैं। नागर गांव में लगातार दो दिन तक डाकू गैंग को शरण मिली थी। प्रधानपति व उसके समर्थक पुलिस पर पथराव न करते तो निश्चित बड़ी सफलता मिलती।
यह दावा जिले के पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र सिंह ने पत्रकारों के सामने किया। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय कालूपुर में उन्होंने इस मामले में खुलकर बातचीत में कहा कि नागर में ही गैंग के सरगना के दाहिने हाथ लवलेश कोल का ननिहाल है और दोनों की प्रेमिकाएं भी इनको यहां आसानी से उपलब्ध होती हैं। जिससे गैंग बार बार यहां आता है। प्रधान के घर व उसके समर्थक ही हर बार उसे शरण देते हैं। परचून की दुकानवाला भी संदिग्ध है। वह शराब व खाद्य सामग्री पहुंचाता है और उसका भुगतान गांव का कोटेदार करता है। कई बार प्रधान के घर में ही पूरे गैंग का भोजन बनता है और फिर सभी गांव के पीछे नहर के पास एक साथ भोजन करते हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सोमवार की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि नागर में नहर किनारे बबुली व लवलेश अपनी प्रेमिका के साथ मौजूद हैं। वह खुद पूरी टीम के साथ नागर देर रात लगभग 12 बजे पहुंचे तो गैंग भाग चुका था। इसके बाद फिर मंगलवार की रात पूरा गैंग नागर आया और प्रधान के बगल वाले घर में भोजन बन रहा था। पुख्ता जानकारी के बाद पुलिस टीम नागर पहुंची तो वहां डकैतों को बचाने के लिए पुलिस टीम पर पथराव किया गया। कुछ दिन पूर्व पकड़े गए प्रधान के पुत्र विनोद मामले में कहा कि वह डकैतों को वाहन उपलब्ध कराता था। पूरे मामले में पुलिस के पास पुख्ता सबूत हैं।
विज्ञापन
नहीं की महिलाओं से अभद्रता न गांव में पी शराब
चित्रकूट। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मंगलवार को डाकुओं को दबोचने पहुंची पुलिस टीम पर राजनैतिक से लेकर कई अन्य तरह के दबाव बनाने का प्रयास हो रहा है। पुलिस टीम ने न तो दुकान से शराब ली और न वहां पी। घटना के दौरान किसी महिला से अभद्रता नहीं की गई। उल्टे ग्रामीणों ने पथराव किया तो पुलिस बैकफुट में आ गई।
22 दिन में तीन बार डाकु बबुली को घेरा
चित्रकूट। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस का लक्ष्य डाकू बबुली कोल गैंग को मिटाना है। यही एकाध माह का समय है जिसमें डकैतों केा पकड़ा जा सकता है। इसलिए लक्ष्य बनाकर 22 दिन के अंदर बबुली गैंग से तीन बार मुठभेड़ हुई। कई कारणों से वह बच गया लेकिन जिस अंदाज में जिले की टीम ने काम किया उसकी विभाग के उच्चाधिकारियों ने भी तारीफ की है। पुलिस का हौसला बढ़ाया है। हौसला गिराने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
बेवजह के लग रहे आरोप
चित्रकूट। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डाकुओं व अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढील नहीं दी जाएगी। उन पर वैसे कोई राजनैतिक दबाव नहीं है लेकिन कुछ लोगों ने गलत आरोप लगाए हैं। किसी भी शिकायत पर संबधित थानाध्यक्ष से लेकर अन्य को हटाया गया है।
:- पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए कई तरह के दबाव
:- नागर गांव में कभी नहीं किया हमला, यहां हर बार मिलता संरक्षण
:- शराब व खाद्य सामग्री देता दुकानदार भुगतान करता कोटेदार
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। पांच लाख तीस हजार के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग को जमीदोंज करने का संकल्प लेकर काम कर रही पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए हर तरह के दबाव बनाए जा रहे हैं। नागर गांव में लगातार दो दिन तक डाकू गैंग को शरण मिली थी। प्रधानपति व उसके समर्थक पुलिस पर पथराव न करते तो निश्चित बड़ी सफलता मिलती।
यह दावा जिले के पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र सिंह ने पत्रकारों के सामने किया। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय कालूपुर में उन्होंने इस मामले में खुलकर बातचीत में कहा कि नागर में ही गैंग के सरगना के दाहिने हाथ लवलेश कोल का ननिहाल है और दोनों की प्रेमिकाएं भी इनको यहां आसानी से उपलब्ध होती हैं। जिससे गैंग बार बार यहां आता है। प्रधान के घर व उसके समर्थक ही हर बार उसे शरण देते हैं। परचून की दुकानवाला भी संदिग्ध है। वह शराब व खाद्य सामग्री पहुंचाता है और उसका भुगतान गांव का कोटेदार करता है। कई बार प्रधान के घर में ही पूरे गैंग का भोजन बनता है और फिर सभी गांव के पीछे नहर के पास एक साथ भोजन करते हैं।
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सोमवार की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि नागर में नहर किनारे बबुली व लवलेश अपनी प्रेमिका के साथ मौजूद हैं। वह खुद पूरी टीम के साथ नागर देर रात लगभग 12 बजे पहुंचे तो गैंग भाग चुका था। इसके बाद फिर मंगलवार की रात पूरा गैंग नागर आया और प्रधान के बगल वाले घर में भोजन बन रहा था। पुख्ता जानकारी के बाद पुलिस टीम नागर पहुंची तो वहां डकैतों को बचाने के लिए पुलिस टीम पर पथराव किया गया। कुछ दिन पूर्व पकड़े गए प्रधान के पुत्र विनोद मामले में कहा कि वह डकैतों को वाहन उपलब्ध कराता था। पूरे मामले में पुलिस के पास पुख्ता सबूत हैं।
विज्ञापन
नहीं की महिलाओं से अभद्रता न गांव में पी शराब
चित्रकूट। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मंगलवार को डाकुओं को दबोचने पहुंची पुलिस टीम पर राजनैतिक से लेकर कई अन्य तरह के दबाव बनाने का प्रयास हो रहा है। पुलिस टीम ने न तो दुकान से शराब ली और न वहां पी। घटना के दौरान किसी महिला से अभद्रता नहीं की गई। उल्टे ग्रामीणों ने पथराव किया तो पुलिस बैकफुट में आ गई।
22 दिन में तीन बार डाकु बबुली को घेरा
चित्रकूट। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस का लक्ष्य डाकू बबुली कोल गैंग को मिटाना है। यही एकाध माह का समय है जिसमें डकैतों केा पकड़ा जा सकता है। इसलिए लक्ष्य बनाकर 22 दिन के अंदर बबुली गैंग से तीन बार मुठभेड़ हुई। कई कारणों से वह बच गया लेकिन जिस अंदाज में जिले की टीम ने काम किया उसकी विभाग के उच्चाधिकारियों ने भी तारीफ की है। पुलिस का हौसला बढ़ाया है। हौसला गिराने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
बेवजह के लग रहे आरोप
चित्रकूट। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डाकुओं व अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढील नहीं दी जाएगी। उन पर वैसे कोई राजनैतिक दबाव नहीं है लेकिन कुछ लोगों ने गलत आरोप लगाए हैं। किसी भी शिकायत पर संबधित थानाध्यक्ष से लेकर अन्य को हटाया गया है।
:- पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए कई तरह के दबाव
:- नागर गांव में कभी नहीं किया हमला, यहां हर बार मिलता संरक्षण
:- शराब व खाद्य सामग्री देता दुकानदार भुगतान करता कोटेदार