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कई झोलाछाप डाक्टरों को पुलिस ने उठाया
Updated Tue, 29 Aug 2017 12:12 AM IST
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कई झोलाछाप को पुलिस ने उठाया
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मुठभेड़ में घायल डकैतों के जिंदा होने की संभावना की बात अब पुलिस अधिकारी भी करने लगे हैं। इस कारण पुलिस टीम ने रणनीति बदली है। डकैतों तक इलाज की सुविधा न पहुंचे, इसके लिए पुलिस ने दो झोलाछाप डाक्टरोें को पकड़ा है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
पांच दिन बाद भी जंगल में भागे डकैतों की तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं, लेकिन सर्विलांस और अन्य सूत्रों से मिली जानकारी के बाद पुलिस टीम में छानबीन का दायरा बढ़ा दिया है। सोमवार को कई पुलिस अधिकारियों ने माना कि गोली लगने से घायल डाकू सरगना बबुली और लवलेश कोल को संभवत: इलाज की सुविधा मिल गई हैै और दोनों जीवित हैं।
हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की। सूत्र भी यही बताते हैं कि गैंग ने लगातार पोजिशन बदली है। बेधक जंगल की ओर जाने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखकर पुलिस ने मारकुंडी व बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के कई स्थानों से झोलाछाप डाक्टरों को शक के आधार पर पकड़ा है। उनसे पूछताछ की जा रही है। अपर एसपी बलवंत चौधरी ने कहा कि सुरक्षा के कारण उनके नाम नहीं बताए जा सकते।
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लौटी हमीरपुर व महोबा पुलिस टीम
चित्रकूट। मुठभेड़ के बाद डकैतों को दबोचने के लिए जंगल में महोबा व हमीरपुर के एसपी समेत पुलिस टीमें भी तैनात थीं। चार दिन से कोई सफलता न मिलने और कोबरा पीएसी टीम के मोर्चा संभालने के बाद से सोमवार को दोनों जिले की पुलिस फोर्स को वापस भेज दिया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मुठभेड़ में घायल डकैतों के जिंदा होने की संभावना की बात अब पुलिस अधिकारी भी करने लगे हैं। इस कारण पुलिस टीम ने रणनीति बदली है। डकैतों तक इलाज की सुविधा न पहुंचे, इसके लिए पुलिस ने दो झोलाछाप डाक्टरोें को पकड़ा है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
पांच दिन बाद भी जंगल में भागे डकैतों की तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं, लेकिन सर्विलांस और अन्य सूत्रों से मिली जानकारी के बाद पुलिस टीम में छानबीन का दायरा बढ़ा दिया है। सोमवार को कई पुलिस अधिकारियों ने माना कि गोली लगने से घायल डाकू सरगना बबुली और लवलेश कोल को संभवत: इलाज की सुविधा मिल गई हैै और दोनों जीवित हैं।
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हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की। सूत्र भी यही बताते हैं कि गैंग ने लगातार पोजिशन बदली है। बेधक जंगल की ओर जाने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखकर पुलिस ने मारकुंडी व बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के कई स्थानों से झोलाछाप डाक्टरों को शक के आधार पर पकड़ा है। उनसे पूछताछ की जा रही है। अपर एसपी बलवंत चौधरी ने कहा कि सुरक्षा के कारण उनके नाम नहीं बताए जा सकते।
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लौटी हमीरपुर व महोबा पुलिस टीम
चित्रकूट। मुठभेड़ के बाद डकैतों को दबोचने के लिए जंगल में महोबा व हमीरपुर के एसपी समेत पुलिस टीमें भी तैनात थीं। चार दिन से कोई सफलता न मिलने और कोबरा पीएसी टीम के मोर्चा संभालने के बाद से सोमवार को दोनों जिले की पुलिस फोर्स को वापस भेज दिया गया है।