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धोखेबाज डाकू गोप्पा की मुखबिरी करने से डरते ग्रामीण
Updated Mon, 26 Jun 2017 07:19 PM IST
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धोखेबाज डाकू गोप्पा की मुखबिरी करने से डरते ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। डाकू गोप्पा पुलिस लिए मुसीबत बनता जा रहा है।अपनों पर शक होते ही उन्हें भी गोली मार देता है। जिससे मुखबिरी करने वाले भी चुप्पी साधे हुए हैं। यदि गोप्पा किसी का अपहरण कर लेता है तो कोई ग्रामीण फिरौती पहुंचाने में भी सहयोग नहीं करता। उन्हें डर रहता है कि कहीं किसी ने गोप्पा के पास गलत सूचना पहुंचा दी तो वह जान से मार देगा।
गौरतलब है कि डाकू गोप्पा पिछले साल एक युवक को मारपीट कर राइफल छीन लिया था। राइफल लौटाने केे बदले गोप्पा ने नगदी रुपये मांगे थे। इस बात पर तीन युवक पहाड़ी थाना अंतर्गत ओरा गांव के एक तालाब के पास रुपये लेकर गए थे। उसी समय गोप्पा को शक हो गया कि युवक पुलिस से मिले हुए हैं। जिससे उसने तीनों को वही पर गोली मार दी थी। उसी समय से लोग उस पर विश्वास नहीं करते। इसी तरह विकास कार्यों में कमीशन देने के बाद भी ठेकेदारों को परेशान करता रहता है। कब कार्य रुकवा दे कहा नहीं जा सकता। इस लिए ठेकेदार भी इस पर विश्वास नहीं करते कई ठेकेदारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले कमीशन की धनराशि कुछ और मांगता है जब बात हो जाती है तो धनराशि बढ़ाकर मांगने लगता है जिससे विश्वास नहीं होता कि कमीशन देने के बाद भी कार्य होने देगा। बाहर हाल धोखेबाज डाकू गोप्पा की इसी करतूत के कारण पुलिस भी परेशान है। पुलिस को मुखबिरी करने वाला नहीं मिल रहा है। जिससे पुलिस डाकूओं के मोबाइल के लोकेशन के आधार पर ही तलाश करती रहती है।
:- अपनों पर शक होते ही मार देता है गोली
:- ठेकेदारों को भी दे चुका है धोखा
:- एक नहीं दो बार मांगता है कमीशन
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। डाकू गोप्पा पुलिस लिए मुसीबत बनता जा रहा है।अपनों पर शक होते ही उन्हें भी गोली मार देता है। जिससे मुखबिरी करने वाले भी चुप्पी साधे हुए हैं। यदि गोप्पा किसी का अपहरण कर लेता है तो कोई ग्रामीण फिरौती पहुंचाने में भी सहयोग नहीं करता। उन्हें डर रहता है कि कहीं किसी ने गोप्पा के पास गलत सूचना पहुंचा दी तो वह जान से मार देगा।
गौरतलब है कि डाकू गोप्पा पिछले साल एक युवक को मारपीट कर राइफल छीन लिया था। राइफल लौटाने केे बदले गोप्पा ने नगदी रुपये मांगे थे। इस बात पर तीन युवक पहाड़ी थाना अंतर्गत ओरा गांव के एक तालाब के पास रुपये लेकर गए थे। उसी समय गोप्पा को शक हो गया कि युवक पुलिस से मिले हुए हैं। जिससे उसने तीनों को वही पर गोली मार दी थी। उसी समय से लोग उस पर विश्वास नहीं करते। इसी तरह विकास कार्यों में कमीशन देने के बाद भी ठेकेदारों को परेशान करता रहता है। कब कार्य रुकवा दे कहा नहीं जा सकता। इस लिए ठेकेदार भी इस पर विश्वास नहीं करते कई ठेकेदारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले कमीशन की धनराशि कुछ और मांगता है जब बात हो जाती है तो धनराशि बढ़ाकर मांगने लगता है जिससे विश्वास नहीं होता कि कमीशन देने के बाद भी कार्य होने देगा। बाहर हाल धोखेबाज डाकू गोप्पा की इसी करतूत के कारण पुलिस भी परेशान है। पुलिस को मुखबिरी करने वाला नहीं मिल रहा है। जिससे पुलिस डाकूओं के मोबाइल के लोकेशन के आधार पर ही तलाश करती रहती है।
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:- अपनों पर शक होते ही मार देता है गोली
:- ठेकेदारों को भी दे चुका है धोखा
:- एक नहीं दो बार मांगता है कमीशन