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एसटीएफ ने भी संभाला मोर्चा
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:41 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जंगल में भागे डकैतों की तीन दिन तक तलाश के बाद भी सफलता न मिलने पर एसटीएफ ने भी डेरा डाल दिया है। पुलिस और एसटीएफ की टीमें मिलकर घायल डकैतों की तलाश की रणनीति बना रही हैं।
गौरतलब है कि एसटीएफ की टीम ने ही एक लाख पांच हजार के इनामी डाकू गोप्पा को दबोचने में सफलता पाई थी। इसके बाद टीम टारगेट बबुली पर काम कर रही थी, लेकिन इसी बीच कुछ दिनों के लिए टीम जिले से बाहर चली गई थी।
दस्यु बबुली कोल गैंग से मुठभेड़ के बाद इलाहाबाद एसटीएफ की टीम ने फिर डेरा डाल लिया है। डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि एसटीएफ पहले भी पुलिस टीम के साथ ही मिलकर काम करती रही है। भागे और घायल डकैतों की तलाश में सभी टीमों की मदद ली जा रही है। इसमें एसटीएफ भी शामिल है।
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चित्रकूट। जंगल में भागे डकैतों की तीन दिन तक तलाश के बाद भी सफलता न मिलने पर एसटीएफ ने भी डेरा डाल दिया है। पुलिस और एसटीएफ की टीमें मिलकर घायल डकैतों की तलाश की रणनीति बना रही हैं।
गौरतलब है कि एसटीएफ की टीम ने ही एक लाख पांच हजार के इनामी डाकू गोप्पा को दबोचने में सफलता पाई थी। इसके बाद टीम टारगेट बबुली पर काम कर रही थी, लेकिन इसी बीच कुछ दिनों के लिए टीम जिले से बाहर चली गई थी।
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दस्यु बबुली कोल गैंग से मुठभेड़ के बाद इलाहाबाद एसटीएफ की टीम ने फिर डेरा डाल लिया है। डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि एसटीएफ पहले भी पुलिस टीम के साथ ही मिलकर काम करती रही है। भागे और घायल डकैतों की तलाश में सभी टीमों की मदद ली जा रही है। इसमें एसटीएफ भी शामिल है।
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