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मऊ बरगढ़ पेयजल योजना की जांच में कलम बंद बयान
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फोटो नंबर - 13 व 13 आर - मऊ बरगढ पेयजल योजना में भ्रष्टाचार की जांच के दौरान बयान लेती जांच टीम के सदस्य?
- फोटो : CHITRAKUTT
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चित्रकूट। जिले के मऊ व बरगढ़ क्षेत्र की करोड़ों रुपये की पेयजल योजना में लापरवाही व भ्रष्टाचार की शिकायतों पर निलंबित दो अधिशाषी अभियंता, एक सहायक अभियंता व जांच के दायरे में एक अन्य अधिशाषी अभियंता के कलम बंद बयान जांच टीम ने लिए हैं। लखनऊ से आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की चार सदस्यीय टीम ने सभी से अलग-अलग बयान लिए। इसके अलावा निर्माणस्थल पर जाकर ग्रामीणों व विभागीय कर्मचारियों से भी बयान लिए हैं।
गौरतलब है कि मुख्मंत्री योगी आदित्यनाथ के चित्रकूट जिले के दौरे के बाद 17 सिंतबर को लखनऊ से ही जल निगम के दो एक्सईएन जेपी सिंह व यशवीर सिंह, एई एके अवस्थी को निलंबित कर दिया गया था। एक अन्य एक्सईएन रामबिहारी अग्रवाल को भी जांच के दायरे में रखा गया। करोड़ाें रुपये की पेयजल योजना की जांच करने के लिए आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन लखनऊ की टीम शासन ने गठित की है। शुक्रवार को टीम के प्रभारी सुजीत कुमार राय व सुधीर तिवारी समेत चार सदस्यों ने शहर के कालूपुर स्थित मंदाकिनी गेस्ट हाउस में इन सभी अधिकारियों से कलम बंद बयान लिए।
लगभग चार घंटे तक बयान दर्ज करने के बाद टीम ने बरगढ़ व मऊ क्षेत्र के पेयजल योजना स्थल का भी निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद कई ग्रामीणों से बातचीत की। टीम के सदस्य जल निगम के दोनों कार्यालय जाकर कर्मचारियों से भी बयान लिए और कई कागजात की जांच की। इस जांच की प्रक्रिया में तेजी आने के बाद माना जा रहा है कि कुछ और लोगों को जांच टीम अपने दायरे में ले सकती है और इस पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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गौरतलब है कि मुख्मंत्री योगी आदित्यनाथ के चित्रकूट जिले के दौरे के बाद 17 सिंतबर को लखनऊ से ही जल निगम के दो एक्सईएन जेपी सिंह व यशवीर सिंह, एई एके अवस्थी को निलंबित कर दिया गया था। एक अन्य एक्सईएन रामबिहारी अग्रवाल को भी जांच के दायरे में रखा गया। करोड़ाें रुपये की पेयजल योजना की जांच करने के लिए आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन लखनऊ की टीम शासन ने गठित की है। शुक्रवार को टीम के प्रभारी सुजीत कुमार राय व सुधीर तिवारी समेत चार सदस्यों ने शहर के कालूपुर स्थित मंदाकिनी गेस्ट हाउस में इन सभी अधिकारियों से कलम बंद बयान लिए।
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लगभग चार घंटे तक बयान दर्ज करने के बाद टीम ने बरगढ़ व मऊ क्षेत्र के पेयजल योजना स्थल का भी निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद कई ग्रामीणों से बातचीत की। टीम के सदस्य जल निगम के दोनों कार्यालय जाकर कर्मचारियों से भी बयान लिए और कई कागजात की जांच की। इस जांच की प्रक्रिया में तेजी आने के बाद माना जा रहा है कि कुछ और लोगों को जांच टीम अपने दायरे में ले सकती है और इस पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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