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Chitrakoot News: डीएपी खाद की किल्लत के चलते केंद्रों में किसानों के बीच मारामारी

Wed, 23 Oct 2024 12:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Oct 2024 12:12 AM IST
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Clashes between farmers in centers due to shortage of DAP fertilizer
चित्रकूट। रबी की फसल की शुरुआत होते ही डीएपी खाद की किल्लत शुरु हो गई है। केंद्रों में खाद नहीं मिलने से किसानों के बीच मारा मारी भी शुरु हो गई है। मंगलवार को भी केंद्रों में खाद लेने के लिए लंबी लाइन लगी रही। कई किसान खाद नहीं मिलने से निराश होकर लौट गए। किसानों का आरोप है कि यूरिया खाद की जगह अन्य खाद उपलब्ध कराई जा रही है।
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शहर के कोआपरेटिव मैदान स्थित कर्वी समिति में मंगलवार को खाद बंट रही थी। जहां पर सुबह से किसान लंबी लाइन लगाए थे। बराह माफी निवासी करीम खान व बनाड़ी गांव के किसान बोधी लाल ने बताया कि सुबह से खाद लेने के लिए बैठी है। इसके बाद भी डीएपी खाद नहीं मिल रही है। कृषि विभाग के उप कृषि निदेशक राजकुमार ने बताया कि यूरिया का दाम प्रति बोरी 266 रुपये 50 पैसा, डीएपी प्रतिबोरी 1350 रुपये प्रति बोरी है।यही दाम प्राइवेट दुकानों में उपलब्ध है। एक किसान अधिकतम एक हेक्टयर में तीन बोरी खाद उपलब्ध कराई जा रही है। अधिक जमीन होने पर पांच बोरी एक किसान को उपलब्ध कराई जा रही है।
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रबी की फसल में डीएपी खाद की मांग अधिक
चित्रकूट। सहकारिता विभाग के सहकारिता आयुक्त आर के शुक्ला ने बताया कि जिले में यूरिया खाद की कुल उपलब्धता 2581 - वितरण 263 एमटी, अवशेष 2318एमटी। डीएपी खाद 1552 एमटी, वितरण 272 एमटी, अवशेष 1280,। एनपीके खाद की कुल उपलब्ध 1460 एमटी, वितरण 1080 व अवशेष 380 एमटी है। बताया कि रबी की फसल में सबसे अधिक मांग डीएपी खाद की रहती है।पिछले साल 78 सौ एमटी खाद का वितरण हुआ हुआ था। कुल 45 केंद्रों से खाद का वितरण किया जा रहा है।
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केंद्र में छाया रहा सन्नाटा
चित्रकूट। शहर के गल्लामंडी के इफ्को केंद्र मे सोमवार को डीएपी खाद के लिए किसानों के लिए बीच मारपीट हो गई थी। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। इस केंद्र मे मंगलवार को डीएपी खाद नहीं होने से सन्नाटा छाया रहा। केंद्र के प्रभारी अजीत सिंह ने बताया कि डीएपी खाद का स्टाक खत्म हो गया है। यूरिया खाद का ही वितरण कराया जा रहा है।
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डीएम ने खाद केंंद्रों का निरीक्षण कर दिए निर्देश
चित्रकूट। डीएम शिवशरण अप्प जीएस ने एसपी अरूण कुमार सिंह के साथ जिले के खाद केंंद्रो का निरीक्षण किया। जिसमें शहर के गल्लामंडी सहित कोआपरेटिव मैदान स्थित कर्वी सहकारी समिति शामिल है।
डीएम ने सहकारियता विभाग व व क ृषि विभाग ो किसानों को जरूरत के हिसाब से खाद का वितरण करने के लिए कहा। बताया कि जिले की 39 सहाकरी समितियों व सात अन्य सहकारी केंद्रों में डीएपी खाद 1150 मैट्रिक टन 23000 बोरी डीएपी का आवंटन किया गया है। जिसमें से अभी तक कुल 12 समितियों पर खााद भेजा जा चुकी है। शेष समितियों पर खाद भेजी जा रही है। खाद शांतीपूर्ण बांटाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं।

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तिलहनी फसल में एनपीके खाद का करे प्रयोग
चित्रकूट। जिला कृषि अधिकारी आर पी शुक्ला ने बताया कि खाद की काला बाजारी रोकने के लिए जिले की सहकारी व निजी दुकानों से 12 नमूने लिए गए हैं। जिनको प्रयोगशाला में भेजा गया है। कहा कि तिलहन की फसलों मेंं किसान डीएपी खाद की जगह एनपीके खाद का प्रयोग करे। इससे फसल का उत्पादन अधिक होता है। कृषि विभाग में उर्वरक निगरानी केंद्र भी प्रकोष्ट बना दिया है। संवाद
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केंद्रों में खाद उपलब्ध कराई जाए- विधायक
चित्रकूट। सपा के सदर विधायक अनिल प्रधान ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र मेेंं क हा है कि जिले की खाद केंद्रों में खाद किसानों को नहीं मिल रही है। जबकि अधिकारी दावा कर रहे है कि खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। ऐसा है तो खाद सहकारी समितियों में क्यों नहीं पहुंचाई जा रही है। खाद नहीं मिलने से किसान प्राइवेट दुकानों में खाद खरीदने के लिए मजबूर हैं। केंद्रों में खाद उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दें। संवाद
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