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Chitrakoot News: चित्रकूट का खोया ओडीओपी का सितारा, बिक रहा फुटपाथ पर
Thu, 15 Oct 2026 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Thu, 15 Oct 2026 12:10 AM IST
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फोटो 14 सीकेटीपी 06 फुटपाथ पर लगी मंडी में खोया खरीदते ग्राहक। संवाद
चित्रकूट। सरकार ने चित्रकूट के खोआ से बनने वाले गुलाब जामुन और रसगुल्ला को एक जिला-एक उत्पाद के तहत पहचान दिलाने का वादा किया है।
उधर, जमीनी हकीकत यह है कि कारोबारियों के पास पक्की मंडी तक नहीं है। प्रयागराज रोड पर ईंट मंडी के पास पिछले करीब 20 साल से खोआ मंडी फुटपाथ किनारे लग रही है।
हर दिन सुबह पांच बजे से जिला मुख्यालय में नेशनल हाईवे के फुटपाथ पर खोआ मंडी लग रही है। मानिकपुर, मऊ, राजापुर, सरैंया, व्यूर और शीतलपुर गांव से व्यापारी घर में तैयार खोआ कनस्तर में भरकर साइकिल, बाइक और बसों से पहुंचते हैं।
ईंट मंडी के पास एक दुकान के सामने फुटपाथ पर बोरी बिछाकर सफेद खोआ सजा दिया जाता है। ठीक पीछे नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रक-बसें गुजरती हैं, सड़क की धूल उड़कर सीधे खोआ पर जम जाती है। यही खोआ प्रयागराज, सतना, जबलपुर, रीवा और कौशांबी की मिठाई दुकानों में गुलाब जामुन बनकर बिकता है।
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बोले खोआ कारोबारी-
व्यूर के राजेश तिवारी ने बताया कि जिला मुख्यालय में खोआ के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं है। गर्मी हो या बरसात, फुटपाथ पर बैठना मजबूरी है। बारिश आते ही माल बचाने के लिए बगल की दुकान के टिनशेड में घुसना पड़ता है।
कई बार पानी लगने से हजारों का खोआ खराब हो जाता है। फुटपाथ को लेकर स्थानीय दुकानदारों से रोज विवाद होता है। शीतलपुर के राजकुमार ने बताया कि चित्रकूट का खोआ गुणवत्ता के लिए विंध्य में प्रसिद्ध है।
यहां रोज लाखों का कारोबार होता है। ओडीओपी में आने के बाद मांग और बढ़ी है, फिर भी बुनियादी सुविधा नहीं है। कारोबारियों की मांग है कि ईंट मंडी के पास पक्का भवन बनाकर शेडयुक्त मंडी बनाई जाए।
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वर्जन
सरकारी व्यापारी के हित में कार्य कर रही है। एक जिला- एक व्यंजन में चित्रकूट जिले से खोआ को चुना गया है। इससे यहां के खोआ व्यापारी को लाभ मिलेगा। इसके लिए जमीन तलाश कर खोआ मंडी बनाई जाएगी।- चंद्रशेखर, अपर जिलाधिकारी।
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उधर, जमीनी हकीकत यह है कि कारोबारियों के पास पक्की मंडी तक नहीं है। प्रयागराज रोड पर ईंट मंडी के पास पिछले करीब 20 साल से खोआ मंडी फुटपाथ किनारे लग रही है।
हर दिन सुबह पांच बजे से जिला मुख्यालय में नेशनल हाईवे के फुटपाथ पर खोआ मंडी लग रही है। मानिकपुर, मऊ, राजापुर, सरैंया, व्यूर और शीतलपुर गांव से व्यापारी घर में तैयार खोआ कनस्तर में भरकर साइकिल, बाइक और बसों से पहुंचते हैं।
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ईंट मंडी के पास एक दुकान के सामने फुटपाथ पर बोरी बिछाकर सफेद खोआ सजा दिया जाता है। ठीक पीछे नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रक-बसें गुजरती हैं, सड़क की धूल उड़कर सीधे खोआ पर जम जाती है। यही खोआ प्रयागराज, सतना, जबलपुर, रीवा और कौशांबी की मिठाई दुकानों में गुलाब जामुन बनकर बिकता है।
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बोले खोआ कारोबारी-
व्यूर के राजेश तिवारी ने बताया कि जिला मुख्यालय में खोआ के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं है। गर्मी हो या बरसात, फुटपाथ पर बैठना मजबूरी है। बारिश आते ही माल बचाने के लिए बगल की दुकान के टिनशेड में घुसना पड़ता है।
कई बार पानी लगने से हजारों का खोआ खराब हो जाता है। फुटपाथ को लेकर स्थानीय दुकानदारों से रोज विवाद होता है। शीतलपुर के राजकुमार ने बताया कि चित्रकूट का खोआ गुणवत्ता के लिए विंध्य में प्रसिद्ध है।
यहां रोज लाखों का कारोबार होता है। ओडीओपी में आने के बाद मांग और बढ़ी है, फिर भी बुनियादी सुविधा नहीं है। कारोबारियों की मांग है कि ईंट मंडी के पास पक्का भवन बनाकर शेडयुक्त मंडी बनाई जाए।
वर्जन
सरकारी व्यापारी के हित में कार्य कर रही है। एक जिला- एक व्यंजन में चित्रकूट जिले से खोआ को चुना गया है। इससे यहां के खोआ व्यापारी को लाभ मिलेगा। इसके लिए जमीन तलाश कर खोआ मंडी बनाई जाएगी।- चंद्रशेखर, अपर जिलाधिकारी।

फोटो 14 सीकेटीपी 06 फुटपाथ पर लगी मंडी में खोया खरीदते ग्राहक। संवाद