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चित्रकूट : कच्ची दीवार ढही, मलबे में दबकर भाई-बहन की मौत
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फोटो-13- मऊ गुरदरी गांव के घर की गिरी दीवार का मलबा, इसी में दबने से भाईबहन की मौत हुई। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। बारिश के दौरान ढही कच्ची दीवार के मलबे में दबकर भाई-बहन की मौत हो गई। घटना मानिकपुर थाना क्षेत्र के गांव गुरदरी गांव की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दु:ख जताते हुए परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
मानिकपुर थाना क्षेत्र के मऊ गुरदरी गांव में हेतलाल आदिवासी का पांच वर्षीय पुत्र रामचंद्र और मप्र डभौरा टिकरी गांव निवासी गर्भवती बहन बबिता (21) पत्नी राजू के साथ शनिवार को सुबह करीब पांच बजे घर में बैठा था। कई दिनों से हो रही बारिश से कच्ची दीवार में सीलन आ गई थी।
तेज बारिश के दौरान कच्ची दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई। इससे भाई-बहन मलबे में दब गए। दीवार गिरने की आवाज सुन परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों की मदद से आनन फानन मलबा हटाकर बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की सांसे थम चुकी थीं।
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हादसे की जानकारी होते ही प्रशासनिक अमला पहुंच गया। बबिता की तीन साल पहले ही शादी हुई थी। वह गर्भवती थी। रक्षाबंधन पर मायके आई थी। बालक के माता-पिता बाबा के मकान में रहते थे। एसडीएम प्रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि 2022 में आवासीय कालोनी स्वीकृत तो थी, लेकिन अभी तक धनराशि न मिलने से निर्माण नहीं हो सका। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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मानिकपुर थाना क्षेत्र के मऊ गुरदरी गांव में हेतलाल आदिवासी का पांच वर्षीय पुत्र रामचंद्र और मप्र डभौरा टिकरी गांव निवासी गर्भवती बहन बबिता (21) पत्नी राजू के साथ शनिवार को सुबह करीब पांच बजे घर में बैठा था। कई दिनों से हो रही बारिश से कच्ची दीवार में सीलन आ गई थी।
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तेज बारिश के दौरान कच्ची दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई। इससे भाई-बहन मलबे में दब गए। दीवार गिरने की आवाज सुन परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों की मदद से आनन फानन मलबा हटाकर बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की सांसे थम चुकी थीं।
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हादसे की जानकारी होते ही प्रशासनिक अमला पहुंच गया। बबिता की तीन साल पहले ही शादी हुई थी। वह गर्भवती थी। रक्षाबंधन पर मायके आई थी। बालक के माता-पिता बाबा के मकान में रहते थे। एसडीएम प्रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि 2022 में आवासीय कालोनी स्वीकृत तो थी, लेकिन अभी तक धनराशि न मिलने से निर्माण नहीं हो सका। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

फोटो-14- रामचंद्र कोल- फाइल फोटो- फोटो : CHITRAKOOT

फोटो-15- बबिता कोल- फाइल फोटो- फोटो : CHITRAKOOT